चूरू.
भाजपा प्रदेश हाईकमान ने अभी टिकटों की घोषणा नहीं की थी कि उससे पहले ही पंचायत राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने चूरू से चुनाव लडऩे की घोषणा कर राजनीतिक गलियारे में हलचल तेज कर दी है। वहीं चुनाव की घोषणा करते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। यह घोषणा उन्होंने शहर में दिवाली की राम-रामी करते वक्त गुरुवार शाम को की। राठौड़ ने कहा कि 17 नवंबर को वे समर्थकों के साथ भाजपा पार्टी से नामांकन दाखिल करेंगे। सरदारशहर तहसील के गांव हरपालसर स्थित स्वर्गीय उत्तमसिंह राठौड़ के घर 21 अप्रेल 1955 में राजेन्द्र का जन्म हुआ। हालांकि राजेन्द्र का जन्म जयपुर में हुआ था। पिता उत्तमसिंह आरएएस अधिकारी थे। हनुमानगढ़ में अधिक समय तक नौकरी करने के कारण वहां भी निवास बनाकर रहने लगे। राठौड़ की शिक्षा हनुमानगढ़ से शुरू हुई और जयपुर में राजस्थान विश्वविद्यालय से पूरी हुई। हालांकि राठौड़ का मूलस्थान चूरू के दांदू गांव में है।
राठौड़ की शिक्षा
राठौड़ ने हनुमानगढ़ में पहली से लेकर १२वीं व बीएससी की पढ़ाई की। बीएससी प्रथम श्रेणी पास हुए। स्नातकोत्तर शिक्षा जयपुर विश्वविद्यालय से की। यहीं से राजनीति विज्ञान से एमए की शिक्षा ली और एलएलबी की, बाद में श्रम कानून में डिम्लोमा भी किया।
1990 के बाद नहीं रुका राठौड़ का विजय रथ
मंत्री राठौड़ ने बताया कि राजनीति में उन्हे लाने का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर को है। उनकी पदयात्रा में वे काफी दिन तक साथ रहे। इसकी वजह से उन्होंने राजनीति की मुख्यधारा में लाने के लिए मार्ग प्रशस्त किया। 1985 में चूरू से जनता पार्टी की टिकट पर विधानसभा का पहला चुनाव लड़े लेकिन कांग्रेस की हमीदा बेगम से हार गए। दूसरा चुनाव 1990 में जनता दल से लड़े और जीत गए। यहीं से उनकी जीत का सिलसिला शुरू हुआ जो आज तक जारी है।
जानिए राठौड़ का राजनीतिक सफर
- 1978-79 में राजस्थान विश्वविद्यालय सीनेट सदस्य
- 1979-80 में राजस्थान विश्वविद्यालय में अध्यक्ष
- 1980-81 में मास्को में आयोजित युवा सम्मेलन में राजस्थान का प्रतिनिधित्व
- 1982 से 84 तक युवा जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष
- 1990-91 में जनता दल में प्रदेश मंत्री
- 1991-93 तक भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश मंत्री
- 2003-04 तक भारतीय जनता पार्टी में प्रदेश उपाध्यक्ष रहे
- 1990 से 2008 तक चूरू विधानसभा क्षेत्र से विधायक रहे
- 2008 से 2013 तक तारानगर क्षेत्र से विधायक रहे
- 2013 में फिर चूरू से विधायक चुने गए
इन प्रमुख पदों पर रहे राठौड़
- 1990-91 तक राजस्थान विधानसभा में गृह समिति के सदस्य
- फरवरी 1991 से दिसंबर 1993 तक विधानसभा में सरकारी उप मुख्य सचेतक
- दिसंबर 1993 से नवंबर 1998 तक राजस्थान सरकार में चिकित्सा एवं स्वस्थ्य विभाग के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार
- 1999 से 2000 तक सरकार में गृह समिति में सदस्य
- 2001- से 03 तक सरकार की जनलेखा समिति में सदस्य
- 1998 से 03 व 2008-13 तक विधायक दल के मुख्य सचेतक
- 2004 में 30 मई तक राजकीय उपक्रम समिति के सभापति व 2009 से 13 तक सदस्य रहे
- 2014-15 में व्यापार सलाहकार समिति में सदस्य
- मई 2004 से 10 दिसंबर 2008 तक सानिवि व संसदीय मंत्री रहे
- दिसंबर 2013 से आठ दिसंबर 2016 तक चिकित्सा, विधि व संसदीय व वक्फ बोर्ड के मंत्री
- 09 दिसंबर 2016 से पंचायत राज, संसदीय एवं निर्वाचन मंत्री





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