नई दिल्ली। खाद्य पदार्थो की कीमतें गिरने से अक्टूबर में देश की खुदरा मुद्रास्फीति गिरकर 3.31 फीसदी रही, जबकि सितंबर में यह बढ़कर 3.70 फीसदी थी। आधिकारिक आंकड़ों से सोमवार को यह जानकारी मिली। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में साल-दर-साल आधार पर भी अक्टूबर में गिरावट दर्ज की गई, जोकि साल 2017 के अक्टूबर में 3.58 फीसदी थी। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता खाद्य मूल्य सूचकांक (सीएफपीआई) अक्टूबर में नकारात्मक 0.86 फीसदी रही, जोकि सितंबर से 0.51 फीसदी अधिक है।
लगातार हो रही गिरावट
खुदरा महंगाई दर के मोर्चे पर मोदी सरकार को लगातार राहत मिल रही है। बीते कई माह से खुदरा महंगाई दर में लगातार गिरावट हो रही है। जुलाई माह में खुदरा महंगाई दर गिरकर 5.09 फीसदी पर आ गई थी। इसके बाद से इसमें लगातार गिरावट हो रही है। इससे अगले महीने यानी अगस्त में खुदरा महंगाई दर गिरकर 3.69 फीसदी पर आ गई थी। हालांकि, इससे अगले महीने सितंबर में यह मामूली सी वृद्धि के साथ 3.70 फीसदी पर पहुंच गई थी। लेकिन अक्टूबर माह में यह एक बार फिर गिरकर 3.31 फीसदी पर पहुंच गई है। खुदरा महंगाई दर में गिरावट की मुख्य वजह खाद्य पदार्थों की कीमत में गिरावट आना है।
पेट्रोल-डीजल के बाद मिली दूसरी राहत
बीते कई महीनों से महंगे पेट्रोल-डीजल को लेकर आम जनता के साथ विपक्ष के निशाने पर आई प्रधानमंत्री नरेंदर मोदी की सरकार के लिए यह राहत की खबर है। बीते करीब 25 दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में रोजाना गिरावट हो रही है। इससे आम जनता के साथ सरकार को भी राहत मिल रही है। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में गिरावट का कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आना है। अब खाद्य पदार्थों की कीमतों में कमी आने के बाद खुदरा महंगाई दर में गिरावट ने केंद्र की मोदी सरकार को दूसरी बड़ी राहत दी है।





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