प्रमोद सोनी/ उदयपुर. टाउनहॉल में जारी दीपावली मेले में शुक्रवार की शाम गजल गायकी के नाम रही। शुरुआत अजीम मालिक रचित गजल ‘इस तरह मोहब्बत की शुरुआत कीजिए, एक बार अकेले में मुलाकात कीजिए...’ से हुई। चंदनदास को श्रोता कम मिले, लेकिन जो मिले गजल के कद्रदान मिले। श्रोताओं ने गजल प्रस्तुतियों को खूब सराहा।
नगर निगम दीपावली मेले के छठे दिन शुक्रवार की शाम गजलों से गुलजार रही। दिनभर ग्रामीण अंचल की मौजूदगी रही, वहीं शाम को शहरवासियों की भीड़ जमी। शाम को एक ओर खरीदारी का उत्साह था, वहीं दूसरी ओर मशहूर गजल गायक चंदन दास की गजले गूंजी।
गजल प्रस्तुतियोंं की शुरुआत होते ही कद्रदान श्रोताओं ने खूब तालियां बजाई। चंदनदास ने ‘नए घड़े के पानी से जब मिठी खुशबू आती है, क्यों लगता है मुझको तेरी खुशबू आती है...’, ‘साहस जबलपुरी की गजल तन्हा ना अपने आपको अब पाइए जनाब, मेरी गजल को साथ लिए जाइए जनाब...’, ‘पिया नहीं जब गांव में आग लगे सब गांव में न जी भर के देखा ना बात की बड़ी आरजू थी मुलाकात की...’ आदि कई गजलों से शहरवासियों का स्वस्थ मनोरंजन किया।
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तपस्या से ही सफलता
गजल गायक चंदन दास ने बताया कि वे झीलों की नगरी में पहली बार आए हैं। उन्होंने कहा कि कलाकारों से मिला प्यार ही सच्चा सम्मान है। प्रताप की धरती को इस नाचीज का बारंबार प्रणाम है। नौजवानों को संदेश दिया कि तरक्की का कोई भी शॉर्टकट नहीं है। आपकी तपस्या एवं मेहनत ही आपको हर मुकाम में सफलता दिलाती है। गजल का इश्क से गहरा नाता है, जो इश्क करता है, वहीं गजल को गुनगुनाता है।
आज की शाम कविताओं के नाम
दीपावली मेले में शनिवार की शाम कविताओं के नाम रहेगी। कवि सम्मेलन में पद्मश्री सुरेंद्र शर्मा, सुनील जोगी, अब्दुल गफ्फार, डॉ. सुमन दुबे, विनीत चौहान, कुमार संभव, अशोक चारण, दिनेश बंटी, गौरव गोलछा काव्य पाठ करेंगे।





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