पाली। चुनाव से एक माह पहले दीपोत्सव पर नगर परिषद ने 692 सफाईकर्मियों को जूते पहनाए हैं। परिषद का कहना है कि सेनेट्री नियमों के तहत सफाईकर्मियों को जूते उपलब्ध कराए गए, लेकिन सफाईकर्मियों की माने तो ढाई दशक में ऐसा पहली बार हुआ है। शहर में 325 सफाईकर्मी कार्यरत है। वर्दी के लिए 1600 रुपए पुरुष सफाईकर्मी और 1900 रुपए महिलाकर्मी को परिषद देती है। साबुन-तेल और झाडू के लिए भी सफाईकर्मियों को प्रति माह अलग से भत्ता दिया जाता है। जबकि सफाईकर्मियों को सफाई के काम के लिए जूते क भी मुहैया नहीं करवाए गए। मजे की बात यह है कि पुरुष और महिला सफाईकर्मी के लिए जूते एक जैसे ही हैं।
25 साल की नौकरी में कभी नहीं मिले
25 साल से ज्यादा की नौकरी हो गई। मैंने तो ऐसा कभी नहीं देखा। पहली बार परिषद ने जूते बांटे हैं। महिला सफाई कर्मियों की साड़ी के बॉर्डर का रंग बदला है। इस बारे में हमसे चर्चा नहीं की गई। -जगाराम गुजराती, जिलाध्यक्ष अखिल भारतीय सफाई मजदूर कांग्रेस
वर्दी मिलती थी
निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुआ। करीब 40 साल की नौकरी में परिषद ने कभी जूते नहीं पहनाए। गर्म वर्दी जरूर मिलती थी। -जगदीश आदिवाल, सेवानिवृत्त सफाई निरीक्षक, नगर परिषद
नियमों के तहत दिए
नियमों के तहत वितरित किए गए। सफाई करते समय उन्हें संक्रमण न हो इसलिए बूट, ग्लब्ज, मास्क दिए जाते हैं। इसके लिए टेंडर भी हो रखे हैं। -आशुतोष आचार्य, आयुक्त
बैंक खाते से निकाले 54 हजार रुपए
जैतारण। थाना क्षेत्र के ग्राम देवली कलां निवासी एक महिला के बैंक खाते से तीन माह पूर्व दो दिन में अलग-अलग एटीम से 54 हजार रुपए निकाल लिए गए। महिला के पुलिस अधीक्षक को फरियाद पेश करने पर जैतारण पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच साइबर थाना को भेज दी है। पुलिस के अनुसार देवली कलां निवासी शहनाज बानो पत्नी रसीद मोहम्मद ने बताया कि उनका बैंक खाता एसबीआइ जैतारण में है। जिससे 1 अगस्त को रतन विहार दिल्ली के एटीएम से दस हजार व बीस हजार रुपए निकाले गए। वहीं 02 अगस्त को दस हजार व 14 हजार पंजाब के हिसार के एटीएम से निकाले गए। महिला आशा सहयोगिनी पद पर कार्यरत है। घटना के बाद महिला ने क्राईम ब्रांच पाली में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस अधीक्षक पाली को फरियाद पेश करने पर मामला दर्ज किया गया।





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