प्रतापगढ़. शहर में 94.7 करोड़ की पेयजल पुनर्गठन योजना के तहत शहर में नई पाइप लाइन डाली गई है। पाइप लाइन डालने के लिए खोदी गई सडक़ों पर फिर से सडक़ों का निर्माण किया गया लेकिन अनदेखी व लापरवाही के चलते नई पाइप लाइनों से भी सडक़ों पर पानी बह रहा है। जिसके कारण सडक़ें उखडऩे लगी है। प्रशासन की अनदेखी के कारण विभाग की ओर से लगातार काम में लापरवाही बरती जा रही है। शहर की कई कॉलोनियों में नई पाइप लाइन डालने के बाद पुन: नई सडक़ भी बन चुंकी है। जिसके बाद पाइप लाइन फूटने के कारण सडक़ों पर पुन: पानी व्यर्थ बहने लगा है। जिसके कारण सडक़ फिर से उखडऩे लगी है।
यहां बह रहा हजारों लीटर पानी व्यर्थ
शहर के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, इंद्रिरा कॉलोनी, कृषि मंडी के पीछे, देवगढ़ दरवाजा सहित कई जगह नई पाइप लाइन डालने के बाद भी सडक़ों पर पानी व्यर्थ बह रहा है। वहीं शहर में जलापूर्ति ना तो समय पर हो रही और ना ही पर्याप्त मात्रा पानी मिल पा रहा है।
कीचड़ से होती है परेशानी
इंद्रिरा कॉलोनी व हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में सडक़ों पर व्यर्थ पानी बहने के कारण सडक़ों पर कीचड़ फैलने के कारण आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कार्य की समय अवधि भी हो गई खत्म
प्रशासन की अनदेखी व विभाग की लापरवाही इतनी है कि पेयजल पुनर्गठन योजना का कार्य 8 फरवरी 2016 से कार्य शुरू हुआ था जो 7 फरवरी 2018 को कार्य होना था। जिसके बाद 10 माह बाद भी कार्य पूर्ण नहीं कर पाए है वहीं जहां कार्य पूर्ण हो गया वहां भी सडक़ों पर पानी बह रहा है।
सडक़ खोदने के बाद नहीं घुमाया जाता रोलर
शहर में जलदाय विभाग की ओर से जगह-जगह पाइप लाइन सही करने के नाम पर सडक़ तो खोद दी जाती है। लेकिन फिर उस पर रोलर नहीं घुमाया जाता जिसके कारण सडक़ों पर गिट्टी फैलने के कारण वाहनचालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।





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