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तो इसलिए सटोरिये की सांसें फूली हुई है



पुलिस खाली हाथ, कर रही सेटिंग का जुगाड़
सीकर. एटीएम से ४.१९ करोड़ के गबन के मामले में सटारियों की सांसे फूल गई हैं। इधर, पुलिस सेटिंग की तलाश में है। ताकि मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा सके, लेकिन उसके सामने समस्या रिकवरी की आ रही है। क्योंकि पकड़ में आए आरोपितों में किसी की भी स्थिति इतनी मजबूत नहीं बताई जा रही है कि गबन की इतनी मोटी रकम बरामद की जा सके। हालांकि प्रकरण में बैंक वालों की ओर से रिकार्ड जुटाकर देने में भी ढिलाई बरती जा रही है। मिलीभगत में कई अधिकारी व कर्मचारियों के नाम भी सामने आ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार गबन करने वाले दो आरोपित सुनील व उसका जीजा गणेश को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुला रखा है। जबकि तीसरा आरोपित मूलचंद अभी बाहर है। लेकिन, सुनील द्वारा गबन की राशि सट्टे में लगा देने की सूचना पर पुलिस ने सट्टा बाजों को निशाने पर ले रखा है। सूत्रों का कहना है कि सुनील ने सट्टा खेलने के लिए बाजार में एक जगह ऑफिस भी किराए पर खरीद लिया था। जोकि, पूरी तरह से एअरकंडीश्नर था। हालांकि सुनील ने एटीएम में पैसा डालने के बजाय ज्यादा रुपए सुभाष चौक के आस-पास रहने वाले एक बुकीबाज के पास सट्टे में लगाए थे। दूसरा सटोरिया हाउसिंग बोर्ड में रहने वाला है। जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। ताकि गबन की राशि का मोटा हिसाब उसके सामने आ सके। गौरतलब है कि सांगानेर जयपुर निवासी व लोजी कैश सोल्यूशन कंपनी के ऑडिट ऑफिसर सौरभ सिंह ने कोतवाली थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें उसने कंपनी में काम करने वाले सुनील और उसके जीजा गणेश तथा मूलचंद पर आरोप लगाए थे कि शहर में इनके अधीन आने वाले तीन रूटों पर स्थित एटीएम में बैंक से कैश डालने के मामले में गबन हुआ है। इसमें २१ एटीएम में चार करोड़ १९ लाख रुपए का कैश कम पाया गया है।
पहुंचते थे गिफ्ट
जानकारी में आया है कि गबन के इस खेल में बैंक से जुडे़ कई लोग शामिल थे। लेकिन, समय-समय पर इनके यहां गिफ्ट पहुंच जाने पर इन लोगों ने अपने मुंह पर ताला रखा। अब इनमें भी खलबली मची हुई है कि आरोपित इनके नाम का खुलासा नहीं कर दें। अन्यथा इनकी नौकरी भी खतरे में आ सकती है। इधर, सटोरिए भी पुलिस से सेटिंग की तलाश में है। ताकि उनके नाम भी उजागर होने से बच सकें।
बुकी वाले भी चकरा जाते
पुलिस ने सुनिल के मोबाइल को कब्जे में लिया है। ताकि कॉल डिटेल के आधार पर सुनील से जुडे़ सटोरियों का पता लगाया जा सके। दो बडे़ सटोरियों के अलावा और भी दर्जनभर लोग हैं। जिनके पास सुनील सट्टे पर खाइवाली करता था। सूत्रों का कहना है कि सुनील बड़ी रकम लेकर बुकीवालों के पास पहुंचता था। कई बार तो रकम देखकर बुकी वाले भी चकरा जाते थे।



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