नई दिल्ली। मोदी सरकार देश के सबसे बड़े बैंकिंग घोटाले के मुख्य आरोपियों को भारत में वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करने में लगी हुई है। मोदी सरकार जल्द से जल्द नीरव मोदी और मेहुल चोकसी को भारत लाना चाहती है। हाल ही में मोदी सरकार ने कड़ी कारवाई करते हुए मेहुल चोकसी के सबसे करीबी माने जाने वाले दीपक कुलकर्णी को गिरफ्तार कर लिया है। सरकार की तेजी से होती कड़ी कारवाई को देखकर मेहुल चोकसी इस कदर घबरा गया है कि उसने उसी देश के विरूद्ध मुकदमा दर्ज कराया है, जहां उसने शरण ले रखी है। चोकसी की गुहार है कि उसकी केस की सुनवाई के दौरान प्रधानमंत्री या उनके स्थायी सचिव कोर्ट में मौजूद रहे।
इसलिए दर्ज कराया मुकदमा
पीएनबी स्कैम में मुख्य आरोपी मेहुल चोकसी ने एंटीगुआ सरकार के कॉमनवेल्थ एग्रीमेंट के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया है। इस एग्रीमेंट के अनुसार भारत और एंटीगुआ में प्रत्यर्पण संधि न होने के भी बावजूद चोकसी को भारत प्रत्यर्पित किया जा सकता है। भारत के साथ 2001 में एंटीगुआ के मंत्री ने यह करार किया था। इसे कॉमनवेल्थ कंट्रीज अमेंडमेंट ऑर्डर के नाम से जाना जाता है। कॉमनवेल्थ देशों के साथ यह करार होने के बाद भारत और एंटीगुआ प्रत्यर्पण के दायरे में आ जाते हैं।
सरकार तेजी से कर रही कारवाई
आपको बता दें कि पंजाब नेशनल बैंक में हुए 1140 करोड़ के घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी और मेहुल चोकसी हैं। मोदी सरकार लगातार दोनो पर कड़ी कारवाई करने में और बैंक का पैसा वापस लाने में लगी हुई है। हाल ही में सरकार ने नीरव मोदी की दुबई में 56 करोड़ रुपए से अधिक की 11 संपत्ति जब्त कर ली है। इससे पहले सरकार ने नीरव मोदी की 37 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की थी। ये संपत्तियां भारत तथा चार अन्य देशों में स्थित थीं।





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