खण्डार . तहसील मुख्यालय पर उड़द व मूंग की पंजीयनों में खसरा गिरदावरी के लिए किसान तहसील मुख्यालय पर जमा हुए। किसान नेता मेमराज जाट ने बताया कि राजफेड की ओर से 12 नवम्बर तक खसरा गिरदावरी अपलोड करने की तारीख दी है। इससे किसानों में हलचल मची हुई है । किसानों को खसरा गिरदावरी भी समय पर नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पटवारी खसरा गिरदावरी बनाने के काम में लगे हुए हैं। जिससे किसानो को समय पर ही खसरा गिरदावरी अपलोड करने में सुविधा रहे।
नियमानुसार ही बनेगी खसरा गिरदावरी : तहसील पटवार संघ उपाध्यक्ष योगेन्द्र दुबे ने बताया कि पटवारियों द्वारा किसानों की खसरा गिरदावरी बनाई जा रही है। नियमानुसार ही किसानों को गिरदावरी दी जाएगी। किसानों ने ई मित्र पंजीयन के दौरान भूमि के विवरण में जमाबंदी से अधिक भूमि लिख दी हैं। इससे पटवारियों को खसरा गिरदावरी बनाने में परेशानी आ रही है। जमाबंदी के अनुसार ही गिरदावरी की रिपोर्ट पेश कर किसानों को गिरदावरी दी जाएगी।
पटवारियों से अभद्रता करने पर होगी कार्रवाई : तहसील परिसर में सोमवार को तहसीलदार पन्नालाल मीणा ने सभी पटवारियों व गिरदावरों की बैठक लेकर खसरा गिरदावरी के बारे में जानकारी ली। इस पर पटवारियों ने आरोप लगाया कि किसानों ने पंजीयन में अधिक मात्रा में भूमि का विवरण जोड़ रखा है तथा दबाव देकर गलत खसरा गिरदावरी बनवाना चाहते है। गिरदावरी बांटते वक्त पटवारियों व किसानों के बीच हाथापाई होने की सम्भावना जताई। इस पर तहसीलदार ने पटवारियों को बताया कि मूल गिरदावरी के अनुसार ही रिपोर्ट बनाएं। जो भी पटवारी के साथ अभद्रता करता पाया जाएगा। उसके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करवाई जाएगी।
खसरा गिरदावरी लेने के लिए किसान आए है। पटवारियों द्वारा गिरदावरी बनाई जा रही हैै। पटवारी नियमानुसार गिरदावरी दे देगा। जिससे किसानो का उड़द तुल जाएगा। अभद्रता करने वालो के खिलाफ कार्रवाई होगी ।
पन्नालाल मीणा, तहसीलदार खण्डार





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