कोटा . प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी पहली बार सोमवार को चम्बल की धरती शिक्षा नगरी में आ रहे हैं। प्रधानमंत्री की सभा को भाजपा नेता भले ही राजनीतिक लाभ से जोड़कर देख रहे हो, लेकिन शहरवासियों को भी प्रधानमंत्री से नियमित हवाई सेवा शुरू करने की घोषणा की उम्मीद है। कोटा में नियमित हवाई सेवा की गेंद अब प्रधानमंत्री के पाले में है। क्योंकि पांच साल से कोटा में हवाई सेवा का मसला केन्द्र और राज्य सरकार के बीच ही घूमता रहा है।
पिछले दिनों कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोटा
में नुक्कड़ सभा में यहां की जनता से वादा किया था कि यदि दिल्ली में उनकी सरकार बनी तो कोटा में नया एयरपोर्ट बनाएंगे। इसके बाद यह मुद्दा दिल्ली तक गूंज उठा था। राहुल ने दिल्ली पहुंचते ही कोटा में नियिमत हवाई सेवा शुरू करने के लिए प्रधानमंत्री को पत्र भी लिखा था। इसके बाद भी केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। अब प्रधानमंत्री के कोटा दौरे पर सबकी नजर हैं।
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राहुल ने पीएम को यह लिखा था पत्र में
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोटा के विद्यार्थियों तथा उनके अभिभावकों को हवाई यातायात सुविधा नहीं होने से हो रही दिक्कतों को दूर करने के लिए 25 अक्टूबर को प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था और कोटा हवाई अड्डे से वाणिज्यिक उड़ान शुरू करने का आग्रह किया था। पत्र में कहा है कि कोटा में करीब डेढ़ लाख विद्यार्थी कोचिंग में पढ़ते हैं।
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देश के कोने-कोने से आकर कोटा रहने वाले ये विद्यार्थी हवाई यातायात सुविधा नहीं होने से अभिभावकों से कट जाते हैं। उनके अभिभावक भी इसी वजह से कोटा आने से कतराते हैं। कोटा हवाई अड्डा आधुनिक उपकरणों के अभाव में वाणिज्यिक उड़ानों को संभाल पाने की स्थिति में नहीं है, इसलिए प्रधानमंत्री उसे आधुनिक उपकरणों से लैस कराएं।





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