गोविन्द शर्मा
भीमसागर. बांध की कैनालों में जलप्रवाह शुरू हुए 20 दिन हुए हैं, लेकिन दाईं कैनाल तीन बार ओवरफ्लो होकर बह निकली। मंगलवार सुबह 6 बजे एक बार फिर से भीमसागर बांध की दाईं कैनाल चेन 130 के वहां ओवरफ्लो होकर बहने से किसानों के खेत जलमग्न हो गए। किसानों ने बताया कि विभाग की ओर से नहरों में जल प्रवाह शुरू करने के बाद समय पर मॉनिटरिंग नहीं करने और ओड़े लगे होने पर नहर ओवरफ्लो होकर खेतों में पानी घुस रहा है, कई किसान अभी तक बुआई तक नहीं हो पाई। वहीं जल संसाधन विभाग सिर्फ औपचरिकता ही पूर्ण करता नजर आ रहा है। किसान नीरज शर्मा, मुकेश नागर, मनोज, सुरेन्द्र नागर, रामगोपाल नागर , राम भरोस ने बताया कि किसानों के आएदिन खेत जलमग्न हो रहे हैं, इसके बावजूद विभाग मॉनिटरिंग में लापरवाही कर रहा है।
कट्टे लगाकर छुपा रहे
जल संसाधन विभाग अपनी कमी छुपा रहा है। पत्रिका रिपोर्टर जब नहरों पर घूमता हुआ चैन 60 हैड भीमसागर के पास अंगोरा रोड यात्री प्रतीक्षालय निकट पहुंचा तो 40 करोड़ से निर्माण के बाद पहली बार में ही सायफन की दीवार में दरार नजर आई। बहते पानी को रोकने के लिए लगे कट्टों का फोटो ले लिया, इसके 2 घंटे बाद ही कट्टों को मिट्टी से दबवा दिया।
मॉनिटरिंग में लापरवाही
कलक्टर ने गत दिनों जिला मुख्यालय पर बैठक आयोजित कर जल संसाधन विभाग को निर्देश देने के बावजूद भी विभाग नहरों पर मॉनिटरिंग में लापरवाही बरत रहा है। विभाग के खुद के 6 कर्मचारियों के अलावा ठेकेदार ने भी नहरों में लगे ओड़े हटाने में लगा रखे हंै, इसके बावजूद इस तरह के हालात सामने आ रहे हैं।
&किसानों की हालत खराब है, आउ दिन खेत जलमग्न हो रहे हंै। बुआई का समय चल रहा है, कब खेत सूखेंगे कब कार्य करेंगे।
देवीशंकर नागर, पूर्व सरपंच मऊ बोरदा, राजपुरा
&लगातार विभाग को समस्याओ से अवगत करा रहे हैं, कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसानों के साथ अन्याय हो रहा है।
नीरज शर्मा, नहरी संघ समिति सदस्य
&चुनाव में ड्यूटी होने से बकानी से आ रहा हूं। मॉनिटरिंग होती है, खुद मैं भी जाता हूं। जेईएन समेत कर्मचारी मॉनिटरिंग करते हंै। रतनपुरा माइनर में ओड़े के चलते नहर ओवरफ्लो हुई है, नहर अब डाउन चल रही है।
रविंद कुमार अग्रवाल, सहायक अभियंता जल संसाधन भीमसागर





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