नई दिल्ली। सरकार ने विजय माल्य और नीरव मोदी जैसे भगोड़ों पर लगाम कसने के लिए एक अहम कदम उठाया है। सरकार के इस कदम के बाद किसी भी शख्स के लिए भारतीय बैंकों से भारी-भरकम लोन लेकर देश से भागना आसान नहीं होने वाला है। दरअसल अब से सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) भी लोन डिफॉल्टर के खिलाफ गृह मंत्रालय से लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करवा सकेगा। बैंकों के बाद सरकार ने एसएफआईओ को भी यह अधिकार दे दिया है।
एसएफआईओ को मिला ये अधिकार
आपको बता दें कि एसएफआई कॉरपोरेट अफेयर्स मिनिस्ट्री से जुड़ा विभाग है जो धोखाधड़ी के बड़े मामलों की जांच करता है। पिछले साल अगस्त में इसे आरोपियों की गिरफ्तारी का अधिकार मिला था। अब सरकार ने एसएफआई को लुकआउट सर्कुलर (एलओसी) जारी करवाने का भी अधिकार दे दिया है। मीडिया रिपोट्स के अनुसार अब से एसएफआईओ का एडिशनल डायरेक्टर और उससे ऊपर का अधिकारी लुकआउट सर्कुलर जारी करने की अपील कर सकेगें।
ये होता है लुक आउट सर्कुलर
लुक आउट सर्कुलर एक इंटरनल नोटिस की तरह होता है। जिसमें जांच एजेंसी को किसी शख्स के बारे में जैसी जानकारी चाहिए होती है,उस हिसाब से जारी किया जाता है। इसमें उसे रोकने से लेकर गिरफ्तारी तक शामिल है। लुकआउट नोटिस सीधे एय़रपोर्ट इमीग्रेशन विभाग को भेजा जाता है औऱ उसमें जिस शख्स को रोका जाना होता है उसके बारे में जानकारी देते हुए निर्देश दिए जाते हैं। इनमें इस तरह के निर्देश शामिल होते हैं कि आरोपी को एयरपोर्ट के भीतर घुसने से रोक दिया जाए, विमान में ना चढ़ने दें, आरोपी के नजर आने पर सूचना दें या हिरासत में लें ताकि भाग ना पाए।सरकार लगातार लोन डिफॉल्टर के खिलाफ सख्त से सख्त नियम बना रही है। हाल ही में सरकार ने बैंकों को भी विलफुल डिफॉल्ट के मामलों में एलओसी जारी करने की अपील करने का अधिकार दिया था। अब बैंक बिना एफआईआर दर्ज हुए ही एलओसी जारी कर सकती है।





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