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थानागाजी विधानसभा क्षेत्र के लोगों ने अपने विधायक व मंत्री हेमसिंह भडाना पर लगाए यह आरोप, जानिए आप भी

थानागाजी. अलवर जिला मुख्यालय से करीब पचास किलोमीटर दूर स्थित थानागाजी विधानसभा क्षेत्र वैसे तो यहां सुविधाओं का अभाव शुरू से ही रहा है। जबकि पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग ही पहचान रखने वाला क्षेत्र रहा है क्योंकि थानागाजी से सरिस्का अभयारण्य सटा हुआ है। जहां पर देश के हीं नहीं अपितु विदेशों से भी पर्यटक आते हैं। थानागाजी विकास के नाम पर सिर्फ नेताओं ने अपनी जेबें ही भरी है। जनता को सिर्फ आश्वासन मिला है।

विधानसभा चुनाव का शंखनाद हो चुका है और हमने भी सोचा कि कुछ आमजन की राय जान ली जाएं। यही सोच कर हम निकले ही थे थानागाजी बस स्टैंड से आगे स्कूल खेल ग्राउंड के पास। जहां एक घर के सामने कुछ युवा कुर्सी लगाकर बैठे थे। हम भी जा ठहरें उनके पास। यहां पर युवा टिकटों को लेकर चर्चा कर रहे थे। इस दौरान युवक चेतन शर्मा बोला अजी अभी कांई का माहौल। हमारे यहां से तो टिकट के उपर निर्भर करेगा। उसने कहा कि हमारे यहां से स्थानीय उम्मीदवार को किसी को टिकट मिलेगा तो हम तो वोट डालेंगे अन्यथा बाहरी उम्मीदवार को टिकट मिलेगा तो हम तो नोटा बटन दबाएंगे। इस मौके पर युवक महेश शर्मा का कहना था कि गत चुनावों में सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाणा के प्रतिद्वंद्वी रहे कांतिलाल मीणा ने भडाणा के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र में आमजन के हितार्थ के लिए कोई कदम नहीं उठाया। आंदोलन करना धरना प्रदर्शन करना तो दूर की बात ज्ञापन देकर कभी विरोध नहीं किया। जनता के लिए।

सामान्य प्रशासन मंत्री हेमसिंह भडाणा तो शिलान्यास के लिए आते थे क्षेत्र में लेकिन कांतिलाल मीणा स्थानीय होकर भी कभी जनता के हाल-चाल जानने क्षेत्र में नहीं आए। युवक जनार्दन शर्मा कहा कि क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ। जातिवाद का भेदभाव चला। मंत्री ने अपने चहेतों के घर के आगे तक रोड़ बनवा दिया और मेरे घर से महज पचास मीटर दूर हीं पहले ही कार्य रूकवा दिया। सामान्य प्रशासन मंत्री ने 2013 के चुनाव में घोषणा की थी वे जीते को थानागाजी को चंडीगढ़ बना दूंगा। वे चुनाव जीते और मंत्री भी बने लेकिन वादे भूल गए। साहब चंडीगढ़ तों नहीं बना पाए।

थानागाजी से जुड़ा सरिस्का अभयारण्य के मध्य से गुजरने वाला रोड जिसे सुप्रीम कोर्ट ने बंद कर दिया है उस पर कभी आमजन के लिए सरकार की ओर से कभी सुप्रीम कोर्ट में रीपीटीशन नहीं किया कुछ तो हल होता। थानागाजी में उपखण्ड कार्यालय भी है तहसीलदार कार्यालय भी है। फि र भी महिलाओं के लिए कोई शौचालयों की व्यवस्था नहीं है।
बस स्टैंड के लिए आइटीआइ कालेज के पास जमीन आवंटित हैं। उसमें बस स्टैंड का निर्माण नहीं करा पाए। कस्बे से दो किलोमीटर दूर हरनेर गांव में जहां एक चाय की थड़ी पर कुछ लोग बैठकर चुनावों की चर्चा में मशगूल थे। यहां पर बैठे मदन लाल वर्मा का कहना था कि क्षेत्र में विकास कार्य सही तरीके से नहीं कराए गए। विकास कार्य के नाम पर लीपापोती की गई। दूसरी सरकार आएगी और जांच होगी तब पता चलेगा।

वहां आगे चलें गुढ़ा चुरानी स्टैंड पर पहुंचे हम एक खाद बीज की दूकान पर कुछ किसान लोग बैठे हुए वो ही चुनावी चर्चा कर रहे थे तो हमें देखकर एक बारगी तो चुप हो गए लेकिन हमने चर्चा कुछ जानने के लिए शुरू कर दी जिनमें बैठे छोटे लाल मीणा से हमने कहा आपके यहां तो खुब नये.नये रोड़ है तपाक से बोला कैसे रोड़ हमारे यहां तो गुण्डा राज है जी रोडों के नाम के तों सिर्फ पत्थर लगा कर प्रचार हैं जी विकास तो पैदा हीं नहीं हुआ।

भाजपा के सक्रिय कार्यकर्ता सत्यनारायण शर्मा का कहना है कि प्रत्याशी के चुनाव प्रचार में बड़े-बड़े वादे करते हैं। चुनाव जीतने बाद पीछे मुडकऱ भी नहीं देखते। मंत्री उसके गांव ढिगारिया में विकास कार्य कराने के लिए कोई तवज्जा नहीं दी। युवा संजय शर्मा का कहना है िक थानागाजी ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी विधानसभा है। जिसमें एक मात्र सीएचसी थानागाजी में लेकिन दूर दराज से आस लगाकर आने वाले ग्रामीणों को इलाज के लिए निराशा ही हाथ लगती है। सीएचसी में ना तो पूरा स्टाफ है और ना ही दवाई का स्टॉक है। जिससे मरीजों को बाहर की मेडिकल की दुकानों से दवा लानी पड़ती है। अस्पताल में महिला चिकित्सक का पद रिक्त है।



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