चूरू.
विधानसभा चुनाव 2018 को लेकर राजस्थान पत्रिका की ओर से शुरू की गई जागो जनमत यात्रा शुक्रवार को चूरू विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। यहां नेचर पार्क में फेक न्यूज व स्वच्छ मतदान को लेकर लोगों ने कहा कि फेक न्यूज देश व समाज के लिए बहुत ही घातक है। इससे देश व समाज में कभी भी कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है। इस पर रोकथाम के लिए अंकुश लगना बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर इस तरह की न्यूजों की भरमार है। इससे न केवल लोग भ्रमित होते हैं बल्कि इसका सामाजिक व्यवस्था पर भी गलत प्रभाव पड़ता है।
शीशराम हर्षवाल ने कहा कि झूठी खबरों से समाज में गलत प्रभाव पड़ता है। इससे लोग भ्रमित होते हैं। गलत बात को भी सही मान बैठते हैं। सद्दाम हुसैन ने बताया कि लोग लोगों व देश की जनता को भ्रमित करने के लिए ऐसी खबरंे चलाते हैं। सोशल मीडिया में ऐसी खबरे अधिकांश रूप से परोशी जा रही है। इस पर अंकुश लगना जरूरी है। मोहनलाल शर्मा ने कहा कि सच्चाई छुपाने के लिए झूठ का सहारा लिया जा रहा है। इसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बैजुराम जांगिड़ ने कहा कि फेसबुक व टीवी पर इस तरह की न्यूज ज्यादा आ रही है। इस पर रोक लगाना जरूरी है। चुनाव में इस प्रकार की न्यूजों के चलते लोग गलत व्यक्ति का चयन कर लेते हैं। इसलिए इस पर रोक लगाना जरूरी है।
अजीज खान ने बताया कि फेक न्यूज से देश का माहौल खराब होता है। बिसनाराम हुड्डा ने कहा कि वाट्सअप गु्रप में एक सब्जी के चाकू से बछड़े को काटने की खबर चल रही है। जिस चाकू से आलू नहीं कटती उससे बछड़ा कैसे कटेगा। उसके नीचे लिखा है इसे दस लोगों को जरूर शेयर करें। इस तरह की गलत खबरों से सामाजिक समरसता खतरे में आ सकती है। निसार खान ने बताया कि सरकार को चाहिए कि इस प्रकार की न्यूजों पर प्रतिबंध लगाए ताकि सामाजिक व्यवस्थाएं किसी प्रकार प्रभावित ना हो। सामाजिक विघटन को रोकने के लिए सरकार को इस पर कड़े प्रतिबंध लगाने चाहिए ताकि समाज को विचलित ना होना पड़े।
कर्मचारियों की अनदेखी का नतीजा भुगतेगी सरकार
सद्दाम हुसैन ने कहा कि कॉलेजों में पद रिक्त पड़े हैं इसके कारण विद्यार्थियों को शिक्षा भी नहीं मिल पा रही है जिससे उनका कॅरियर खराब हो रहा है लेकिन सरकारें इसके प्रति ध्यान नहीं दे रही हैं। चूरू के ग्रामीण क्षेत्रों में कई गांवों माध्यमिक व उच्च माध्यमिक स्कूल नहीं हैं। अल्पसंख्यक विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति का बजट कम कर दिया गया। इससे कमजोर बच्चे परेशान हो रहे हैं। इसके अलावा मदरसों में पैराटीचरों की भर्ती नहीं की जा रही है। लोग अपने हक की मांग करते हैं तो उन पर लाठी चार्ज किया जाता है। बिसनाराम हुड्डा ने कहा कि बीमा कम्पनियां किसानों का बीमा खा गई। यहां कृर्षि उपज मंडी बंद है। उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। इसके कारण किसानों की हालात दिनोदिन दयनीय होती जा रही है।
निसार खां ने कहा कि चूरू में सबसे कम पानी व वन क्षेत्र है इसके कारण यहां उद्योग नहीं लग रहे। वनक्षेत्र की कमी से यहां लोगों को शुद्ध हवा भी नहीं मिलेगी। सांस लेने में लोगों को परेशानी होगी। हेमलता ने कहा कि प्रत्येक साल एक लाख विद्यार्थी बीएड करते हैं उन्हे नौकरी मिलनी चाहिए। भर्तियों में राजनीतिक दखल नहीं होना चाहिए।
इमरान खोखर ने कहा कि स्थानीय विधायक ने चूरू में मेडिकल कॉलेज खोलकर एक बड़ी सौगात दी है। इसके अलावा नेचर पार्क जैसा एक ऐतिहासिक पार्क बनाकर शहर के लिए अच्छी सौगात दी। विधि कॉलेज व नर्सिंग कॉलेज बनाकर विधायक ने शहर में कई अहम काम किए हैं। प्रत्याशी के जाति देखकर मतदान नहीं करना चाहिए। सुरेश कुमार शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री ने इस कार्यकाल में सभी को निराश किया है। करीब 43 कर्मचारी संगठन धरना दे रहे थे लेकिन सीएम ने उनसे वार्ता करना मुनासिब नहीं समझा। सीएम जब अपनी जनता को समय नहीं दे सकती है वह किस काम की। पूरा मंत्रीमंडल फेल रहा है। इसलिए उनके टिकट कट रहे हैं। चूरू में भी आम नागरिक के लिए कोई काम नहीं हुए।
ओमप्रकाश वर्मा ने कहा कि उच्च संस्थान होना ही काफी नहीं है, उसमें व्याख्याताओं का होना बहुत ही जरूरी है। चूरू के विधायक व मंत्री के कद को देखते हुए लगता है कि उन्होंने अपने कद के मुताबिक काम नहीं किया। विपक्ष आवाज उठाने की स्थिति में नहीं था। एडवोकेट सुरेश कल्ला ने कहा कि उच्च शिक्षा रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर अधिक जोर देने चाहिए। जातिवाद व धर्म के नाम पर चुनाव नहीं लड़ा जाए। इस दौरान रेंजर नरपत सिंह, एडवोकेट सुनील मेघवाल, कमल सारस्वत, सहित वन विभाग के अनेक कर्मचारी मौजद थे।





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