पोकरण. राजस्थान पत्रिका की जागो जनमत यात्रा बुधवार को पोकरण पहुंची। यहां कस्बे के पंचायत समिति सांकड़ा कार्यालय के आगे स्थित मैदान में जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने खुलकर अपनी बात रखी तथा पत्रिका के शुद्ध का युद्ध अभियान के तहत फेक न्यूज से दूर रहने का संकल्प लिया और लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदान करने की शपथ ली। जनसंवाद के दौरान लोगों ने क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। उपस्थित कई लोगों ने गत चुनाव में विधायक की ओर से किए गए वादों को पूरा नहीं करने के आरोप लगाए, तो कई युवाओं ने वर्तमान विधायक की ओर से क्षेत्र में विकास कार्य करवाने की बात कही। उपस्थित लोगों ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के अधिकांश गांवों में आज भी इन्दिरा गांधी नहर का मीठा पानी नहीं पहुंचा है। जिसका गत चुनाव में वादा किया गया था। इसी प्रकार कई प्राथमिक विद्यालयों को बंद कर देने, अस्पतालों में चिकित्सकों, महाविद्यालयों में व्याख्याताओं के पद रिक्त होने, अकाल के दौरान पशुओं के लिए पर्याप्त चारे पानी की व्यवस्था नहीं होने, युवाओं के लिए रोजगार की कमी व कानून व्यवस्था के हालात बद्तर होने की बात कही। उन्होंने क्षेत्र में पानी, बिजली, चिकित्सा, शिक्षा जैसी समस्याओं को लेकर बेबाकी से राय रखी। यहां उपस्थित युवाओं ने विकास के लिए ईमानदार व राष्ट्रभक्त प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने की बात कही। चर्चा में खेताराम माली, हरिवंश व्यास, गणपतराम गर्ग, शिवप्रताप विश्रोई, शिवा गहलोत, जितेन्द्र सोलंकी, मुकेश शर्मा, प्रेमप्रकाश छंगाणी, आरबखां, अकबरखां, पूर्व सरपंच इस्माईलखां, खान मोहम्मद, महेश गुचिया, महेन्द्रसिंह लूणा, फरसूराज जुईया, ईधनखां सहित लोगों ने विचार रखे।
पहले सच्चाई को परखे, फिर करें वायरल’
जैसलमेर. जैसलमेर व पोकरण में जागो जनमत के तहत हुए कार्यक्रमों में राजनीतिक दलों से जुड़े कार्यकर्ताओं और प्रबुद्धजन ने क्षेत्र के मुद्दों और समस्याओ पर बेबाकी से अपनी राय रखी। इस मौके पर सभी को फेक न्यूज से बचने के लिए जागरुक किया गया। राजस्थान पत्रिका के जागो जनमत यात्रा के दौरान बुधवार को जैसलमेर व पोकरण में लोगों को फेक न्यूज को लेकर जागरुकता का संदेश दिया गया। फेक न्यूज को सोशल मीडिया के माध्यम से साझा करने, उसे वायरल करने से पहले उसकी सच्चाई की परख करने की जानकारी दी गई। चर्चा में शामिल लोगों ने बताया कि सोशल मीडिया पर आई किसी भी खबर की पूरी सच्चाई जानने के बाद ही उसे साझा करनी चाहिए। क्योंकि इनमें कई न्यूजें तथ्योंं से परे, झूठ व फेक न्यूज होती है। जिससे आम जनमानस पर उसका बुरा असर पड़ता है। उन्होंने पत्रिका की मुहिम शुद्ध का युद्ध का समर्थन करते हुए फेक न्यूज को साझा नहीं करने का संकल्प लिया।





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