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आधी रात को इस मंदिर के पुजारियों के साथ जो हुआ वो कोई कभी नहीं भूल पाएगा

पहाड़ों के बीच बसे पंडोर माता के मंदिर को बनाया निशाना

सीकर. चार चोर और दो मंदिर के पुजारी। चारों ने पहले तो पुजारियों को बंधक बनाया और इसके बाद मारपीट कर मंदिर में माता की प्रतिमा पर चढ़े चांदी के छत्र सहित मुकुट व करीब 55 हजार रुपए छीन कर ले गए। पहाड़ों के बीच एकांत में बसे मंदिर में चोर दो घंटे ठहरे और इसके बाद वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नाकाबंदी करवाई। लेकिन, अज्ञात लूटेरों को कोई सुराग उसके हाथ नहीं लगा। अब संदिग्धों से पूछताछ कर पुलिस लूटेरों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

 

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जानकारी के अनुसार रघुनाथगढ़ की पहाडिय़ों में माता पंडोर का काफी पुराना मंदिर स्थित है। मंदिर के आस-पास कोई बस्ती भी नहीं है। गांव वालों ने मंदिर में पूजा पाठ के लिए दो पुजारी लगा रखे हैं। पुलिस के अनुसार रात को करीब 12 बजे चार नकाबपोश यहां आए और दोनों पुजारियों को डराया-धमकाया। विरोध करने पर पुजारियों से मारपीट की और दोनों को कौने में बैठा दिया और दानपात्र की चाबी मांगी। विरोध किया तो फिर मारपीट की इसे बाद भयभीत पुजारियों ने लूटेरों को चाबी दे दी उसके बाद उन्होंने गल्ले व उनके पास रखे 55 हजार रुपए सहित प्रतिमा पर लगे चांदी के छत्र व मुकुट समेट कर पार हो गए।

 

दो घंटे मंदिर में रूकने के बाद लूटेरे साथ में पुजारियों के मोबाइल भी ले गए। ताकि वे किसी को वारदात की सूचना नहीं दे सकें और वे लोग सही सलामत क्षेत्र से पार हो सकें। हालांकि घटना के बाद पुजारियों ने ग्रामीण व पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और नाकाबंदी करवाई। लेकिन, चारों लुटेरों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा। पुलिस संदिग्धों से पूछताछ कर आरोपितों तक पहुंचने के प्रयास में जुटी हुई है।


कई शंका के दायरे में
पिपराली व रघुनाथगढ़ में सेंधमारी के बाद चोरों ने पहाड़ों के बीच बसे पंडोर माता के मंदिर को भी नहीं बख्सा। रघुनाथगढ़ चौकी प्रभारी विनोद सिंह का कहना है कि कुछ बांवरिया जाति के लोगों पर उन्हें शक है। इसके अलावा चोर बाहरी होने का अंदेशा भी जताया जा रहा है। मंदिर पहाड़ों के बीच एकांत में स्थित है। इसके आस-पास मिलने वाले संदिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है।


नहीं समझ पाए श्वान का इशारा
पहाड़ों में बसे सुनसान मंदिर के आस-पास सुरक्षा के कोई पुख्ता बंदोबस्त नहीं हैं। ना ही यहां कहीं सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। घना जंगल होने के कारण पुजारियों ने सुरक्षा के लिए एक श्वान पाल रखा है, जो कि अंजान व्यक्ति को देखकर भौंकने लगता है। वारदात के दौरान भी श्वान खूब भौंका बताया। परंतु पुजारियों ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया और भौंकने को अनदेखा कर दिया। इधर, द्वार खुले होने पर इतनी देर में लुटेरे मंदिर के अंदर प्रवेश कर गए और यहीं रखे डंडों को उन्होंने हथियार बनाकर दोनों पुजारियों को अपने नियंत्रण में लिया।

जंगल में बंटवारा
मंदिर के आस-पास घना जंगल है। वारदात को अंजाम देकर लुटेरे यहां रुके और लूटी गई राशि और सामान का बंटवारा भी यहीं किया। पुलिस को यहां उनके पदचिह्न मिले हैं और जल्दबाजी में लूट की राशि के बंटवारे के दौरान चार-पांच हजार रुपए उनसे यहीं छूट गए थे। जो कि, पुलिस ने बरामद कर लिए हैं। पुलिस को यहां पुजारियों के टूटे हुए मोबाइल भी मिले हैं, लेकिन उनकी सिम गायब मिली है।


इनका कहना है...
मंदिर में लूट व चोरी की वारदात को चार लोगों ने अंजाम दिया है। दोनों पुजारियों की निशानदेही पर उनकी तलाश की जा रही है। कुछ संदिग्ध लोगों पर पुलिस को शक है। उनसे पूछताछ कर वारदात में शामिल चोरों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
बृजेंद्र ङ्क्षसह, दादिया थाना थानाधिकारी



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