नई दिल्ली। इंडोनेशिया में हुए विमान हादसे के बाद दुनिया भर के विमान नियामक सतर्क हो गए हैं। अमरीका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (एफएए) की ओर से बोइंग 737 विमानों को लेकर जारी एडवाइजरी के बाद भारतीय नियामक डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने भी एडवाइजरी जारी किया है। डीजीसीए ने जेट एयरवेज और स्पाइसजेट को बोइंग 737 मैक्स विमानों में सेंसर की संभावित समस्या को लेकर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। जेट एयरवेज और स्पाइसजेट के पास करीब छह बोइंग 737 विमान हैं।
सेंसर की समस्या के कारण विमान नियंत्रित करने में आती है समस्या
डीजीसीए के एक अधिकारी के मुताबिक इन विमानों में सेंसर की समस्या से पायलट को विमान नियंत्रित करने में समस्या हो सकती है। इसके कारण विमान की ऊंचाई पर भ्रम हो सकता है और वह तेजी से नीचे आ सकता है। निर्देशों के मुताबित विमानन कंपनी को फ्लाइट मैनुअल में बदलाव करना है। इंडोनेशिया में लॉयन एयर का बोइंग 737 मैक्स विमान पिछले महीने के अंत में जकार्ता से उड़ान भरने के तुरंत बाद समुद्र में गिर गया था। विमान में 180 लोग सवार थे। खबरों के मुताबिक इस विमान में उड़ान से पहले कुछ खराबी पाई गई थी, लेकिन उसे ठीक कर विमान को उड़ान भरने की अनुमति दी गई थी।





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