चित्तौडग़ढ़.आंगनबाड़ी पाठशालाओं में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों में कुपोषण स्तर को कम करने के उदï्देश्य से मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत दूध मिलना कब से शुरू होगा ये तय नहीं है। योजना के शुभारंभ हुए लगभग एक माह से भी अधिक समय हो गया हैलेकिन बच्चों को दूध कब से पिलाना है और कब पिलाना है इस संबंध कोई भी स्पष्ट निर्देश जारी नहीं होने से इस योजना का लाभ बच्चों को सिर्फ कागजों में सीमित होकर रह गया है।
स्कूलों में अन्नपूर्णा दूध योजना के बाद मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत ३ से ६ वर्ष के बच्चों, गर्भवत्ती व धात्री माताओं और घर पर रहने वाली किशोरी बालिकाओं के स्वास्थ्य में सुधार के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग सप्ताह में तीन दिन दूध पिलाएंगा। हालांकि अभी तक विभाग की ओर से ना तो स्किम्ड मिल्क पाउडर के पैकेट मुख्यालय पर पहुंचे और ना ही इस योजना के तहत कब से बच्चों को दूध पिलाना और कब पिलाना है इस संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिलने से अभी तक इस बच्चों का इस योजना का लाभ सिर्फ कागजों में मिल रहा है। एक नवम्बर को जारी हुए दिशा-निर्देश में ३६० व ४५६ ग्राम के पैकेट आठ सप्ताह के लिए एक बार आपूर्ति किए जाने की जानकारी दी है। राजस्थान कॉआपरेटिव डेयरी फैडरेशन लागत मूल्य पर कार्यालय तक दूध पाउडर के पैकेट सप्लाई करेगा।
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बच्चों को १५ व महिलाओं को १९ ग्राम के पाउडर की सप्लाई
आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत बच्चों को पूरक पोषाहार के साथ १५ ग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर का व गर्भवती, धात्री महिलाओं तथा किशोरी बालिकाओं को १९ ग्राम स्किम्ड मिल्क पाउडर का (एक दिन के हिसाब से) पैकेट दिया जाएगा।
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फीका पीना पड़ेगा दूध
अन्नपूर्णा योजना की तरह मुख्यमंत्री अमृत आहार योजना में बच्चों को फीका दूध ही पीना पड़ेगा। हालांकि स्कूलों में कुछ भामाशाहाओं द्वारा चीनी उपलब्ध कराई थी। लेकिन आंगनबाड़ी के बच्चे भी फीका ही दूध पियेंगे या मिठा इस संबंध भी कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले है।
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२४ मैट्रिक टन दूध पाउडर की भेजी डिमांड
महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक कार्यालय से जिले में बच्चों के लिए ११.२४७ व गर्भवती महिला, धात्री महिला व किशोरी बालिकाओं के लिए १२.८१५ मैट्रिक टन कुल २४.०६२ मैट्रिक टन दूध पाउडर की डिमांड भेजी गई।
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आंगनबाड़ी केंद्रों पर दूध कब से सप्लाई करना है इसके संबंध में कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिले है। हमें अभी तक स्किम्ड मिल्क पाउडर के पैकेट भी नहीं मिले है।
शांता मेघवाल,उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग चित्तौडग़ढ़





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