जैसलमेर. सर्दी के लिए पहचाने जाने वाले नवम्बर महीने का आधा पखवाड़ा निकल चुका है, लेकिन अभी तक जैसलमेर शहर में दोपहर के समय धूप सता रही है। वे दिन बीत गए जब नवम्बर महीने में रात के समय भी दांत किटकिटाने की स्थिति बनती थी। दिन का तापमान 30 डिग्री के आंकड़े को पार कर रहा है और रात में न्यूनतम तापमान अभी तक 15 डिग्री के आसपास ही झूल रहा है। दुकानों व कार्यालयों में पंखे चलाने पड़ रहे हैं। जानकारों की मानें तो ग्लोबल वार्मिंग को लेकर दुनिया भर के मौसम विज्ञानी विगत वर्षों से परेशान हैं, उसी का असर इन दिनों पाक सीमा से सटे सरहदी जैसलमेर जिले में भी देखने को मिल रहा है। ऐसे में गरम ऊनी कपड़े पहनने की जरूरत अभी तक कम ही महसूस हो रही है।
धूप से बचने के जतन
स्वर्णनगरी में इन दिनों पर्यटन सीजन का आगाज हो चुका है। दोपहर में तेज धूप के दौरान चिलचिलाती धूप से बचने के लिए यहां घूमने आए देसी-विदेशी सैलानियों को छातों और टोपी का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा बेहाल ठंडे देशों में रहने वाले पर्यटकों को झेलनी पड़ रही है। मौसम के विचित्र व्यवहार से बचने के लिए वे छतरी, रुमाल, चश्मा व अन्य जतन करते देखे जा सकते हैं। पर्यटकों को दिन के समय छांव की तलाश करते देखा जा सकता है।
विगत वर्षों में देरी से हो रही सर्दी की दस्तक
यदि विगत वर्षों में नवम्बर महीने के आंकड़ों की मानें तो अक्टूबर व नवंबर दोनों ही महीने सर्दी से महरुम ही हते हं। दिसम्बर महीने के पहले सप्ताह और कई बार दूसरे पखवाड़े में सर्दी चमकती है, जबकि भारतीय परिवेश में दिवाली पर्व के बाद सर्दी का अहसास होने लगता है। दीपावली पर्व गत ७ नवम्बर को था, लेकिन उसके बाद काफी समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सर्दी का इंतजार अब भी कायम है।
दुकानों में सजे ऊनी कपड़े, ग्राहकों का इंतजार
नवम्बर महीने में रेडिमेड गारमेंट व अन्य दुकानों में ऊनी कपड़े सजने शुरू हो गए हैं। वातावरण में ठंडक नहीं होने से शहर की रेडिमेड कपड़ों की दुकानों से लेकर तिब्बती मार्केट तक में ऊनी कपड़ों स्वेटर, जैकेट आदि की बिक्री अभी तक उम्मीद की तुलना में कम ही देखने को मिल रही है। स्थानीय बाशिंदों का मानना है कि सर्दी चमके तो गरम कपड़ों की खरीद करें, अन्यथा वे ज्यादा काम नहीं आते। उधर, गर्मी व ऊनी कपड़ों के व्यवसायी मानते हैं कि, वे प्रतिवर्ष लाखों रुपए का गरम ऊनी कपड़ों का स्टॉक खरीदते हैं लेकिन उनकी बिक्री की सुस्त चाल से उन्हें हर बार घाटा उठाना पड़ता है। वैसे इन दुकानदारों ने अपने प्रतिष्ठानों पर नई-नई डिजाइनों के स्वेटर, जैकेट और अन्य गरम वस्त्रों की नुमाइश कर दी है। उन्हें ग्राहकों का इंतजार बना हुआ है। मौसम विशेषज्ञ बताते हैं कि सर्दी देरी से आने का मुख्य कारण ग्लोबल वाॄमग और जलवायु में हो रहा बदलाव है। यह स्थिति सरहदी जैसलमेर जिले की ही नहीं है। वैसे सरहदी जैसलमेर जिले में १५ दिसम्बर के बाद ही सर्दी चमकती ह
दिन- अधिकतम - न्यूनतम
१३ नवम्बर 33.2 - 17.8
१४ नवम्बर 33.2 - 17.9
१५ नवम्बर 30.7 - 15.8
१६ नवम्बर 31.8 - 16.2
१७ नवम्बर 34.4 - 19.9





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