नई दिल्ली। गोवा के बीमार मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर की मुसीबतें उनकी बीमारी की तरह उनका पीछा नहीं छोड़ रही हैं। एक तरफ भाजपा आलाकमान उन्हें इस्तीफा देने नहीं दे रहा तो दूसरी तरफ विरोधी दल समेत कई सामाजिक संगठन उनके इस्तीफे पर अड़े हैं। यही वजह है कि पिछले लंबे समय से सीएम पर्रिकर हटाए जाने की मांग हो रही है। दरअसल पर्रिकर के बीमार होने की वजह से पिछले लंबे वक्त से प्रदेश के कामकाज पर सीधा असर पड़ रहा है। अब विपक्ष ने सीएम बदले जाने को लेकर अपनी कमर कस ली है।
'आईसीयू' में गोवा
गोवा सीएम मनोहर पर्रिकर को हटाकर पूर्णकालिक मुख्यमंत्री की मांग को लेकर आज से कांग्रेस प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख गिरीश चोडनकर के मुताबिक गोवा 'आईसीयू' में है। नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान से छुट्टी मिलने के बाद से पर्रिकर यहां के निकट स्थित अपने निजी आवास पर 14 अक्टूबर से स्वास्थ्य लाभ कर रहे हैं।
सड़कों पर जुटे थे सामाजिक संगठन
पिछले सप्ताह कांग्रेस के कुछ नेताओं सहित सैकड़ों लोगों ने पर्रिकर के इस्तीफे और गोवा के लिए एक पूर्णकालिक' मुख्यमंत्री की मांग को लेकर उनके आवास तक मार्च निकाला था। चोडनकर ने कहा, हमने मुद्दे के साथ लोगों के बीच जाने का निर्णय लिया है और तालुका स्तर पर प्रदर्शन शुरू करेंगे।'' कांग्रेस 30 नवंबर को बिचोलिम से अपना आंदोलन शुरू करेगी जिसके बाद पेरनेम में एक दिसंबर को आंदोलन होगा।
9 महीने से ठप पड़ा प्रदेश का काम
गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर परिकर के इस्तीफे को पिछले हफ्ते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों ने राज्यपाल मृदुला सिन्हा का विरोध करने का एलान किया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था। खास बात यह थी कि इन्हें विपक्षी कांग्रेस, शिवसेना और एनसीपी का समर्थन प्राप्त है। प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता एरीस रोड्रिग्स ने कहा, पिछले नौ महीने से मुख्यमंत्री बीमार हैं और सरकार का काम ठप पड़ा है।





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