अमीनखां के साथ मंच पर बैठे मानवेन्द्र, लोगों में रही रोचकता
दल-बदल से बदला नजारा
शिव ञ्च पत्रिका. वर्ष 2013 के विधानसभा चुनावों में अमीनखां और मानवेन्द्रसिंह ने आमने-सामने चुनाव लड़ा। एक दूसरे को हराने के लिए तमाम जतन किए। मानवेन्द्र शिव के विधायक बन गए और अमीनखां हार गए। अभी 2018 के चुनाव आने से पहले ही मानवेन्द्र ने भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस ज्वाइन कर ली है। इसके बाद पहली बार वे अपने विधानसभा क्षेत्र में पहुंचे। यहां माहौल एकदम बदल गया जब अमीनखां और मानवेन्द्रसिंह एक मंच पर बैठे। लोगों के लिए यह नजारा देखना रोचकता रही।
अमीन ने सुर मिलाए
मानवेन्द्रसिंह व चित्रासिंह के आने से पार्टी मजबूत होगी। मैने आठ बार चुनाव लड़ा। मेरे सामने आठ बार राजपूत रहे हैं। मेरा साथ अभी दो, हम आपका बाद में देंगे।
मानवेन्द्र के बदले सुर
स्वाभिमान की जीत तब होगी जब कांग्रेस उम्मीदवार को जीताकर विधानसभा में भेजेंगे। 80 हजार वोटों से अमीनखां को जीताने का लक्ष्य तय कर लिया जाए।
यहां सुर साथ-साथ
कांग्रेस 36 कौम की हितेषी है। सभी को मिलकर तय करना है कि कांग्रेस को जिताएंगे और स्वाभिमान के साथ जीत होगी।
लोग देखने भी जुटे
भाजपा से जुड़े लोगों के लिए भी यह दिन खास रहा। मानवेन्द्र के स्वागत में आतुर रहने वाले कई भाजपाइयों को आज मजबूरन किनारा करना पड़ा। कई लोग आए तो दूर से मुस्कारकर अभिवादन किया। कांग्रेस के लोग जो पिछले चुनावों में मानवेन्द्र के विरोधी रहे थे आज उनके हाथ में मालाएं थी।
शिव से पहुंचे जैसलमेर
मानवेन्द्र शिव विधानसभा का दौरा करते हुए जैसलमेर पहुंचे है। शिव के हाईवे के गांवों पर दौरा रहा।
ये रहे उपस्थित
इस मौके पर कांग्रेस प्रवक्ता देरावरसिंह, जैसलमेर पूर्व जिला प्रमुख अब्दुल्ला फकीर, जिला अध्यक्ष फतेहखान, सुनीता भाटी जैसलमेर, पूर्व प्रधान सवाईसिंह व गंगासिंह, पंचायत समिति सदस्य गुलाम मोहम्मद, नरेशपालसिंह, मनोहरसिंह, हिन्दूसिंह, देरावरसिंह उपस्थित रहे।





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