एंटिगा : नटाली स्कीवर (52) और एमी एलेन जोन्स (53) की शानदार बल्लेबाजी के दम पर इंग्लैंड ने यहां खेले गए महिला टी-20 विश्व कप टूर्नामेंट के सेमीफाइनल मैच में भारतीय टीम को आठ विकेट से हरा दिया। बता दें कि भारत ने इंग्लैंड को 113 रन का लक्ष्य दिया था। इसी के साथ भारत तीसरी बार फाइनल में जगह बनाने से चूक गई। महिला टी-20 विश्व कप में भारत का सफर समाप्त होने के साथ टीम के कोच रमेश पोवार और कप्तान हरमनप्रीत सिंह के फैसले पर सवाल उठ रहे हैं कि पूरे सीजन में शानदार प्रदर्शन करने वाली वेटरन ओपनर बल्लेबाज मिताली राज को टीम से बाहर क्यों रखा गया।
अहम मैच में मिताली का अनुभव भी काम आता
भारतीय टीम के प्रशंसक और विशेषज्ञ इस बात पर हैरान हैं कि आखिर क्यों मिताली राज को टीम से बाहर रखा गया, जबकि वह शानदार फॉर्म में चल रही थीं और पूरे सीरीज में उनका प्रदर्शन भी शानदार था। पिछले दो मैचों में उन्होंने लगातार दो अर्धशतक लगाए थे और दोनों मैचों में मैन ऑफ द मैच भी रही थीं। इसके बावजूद उन्हें एकादश में न शामिल करना हैरान करने वाला फैसला है। विशेषज्ञों को तो यह भी मानना है कि उनका अनुभव भी टीम को प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाता। ऐसे में अंतिम ग्यारह से उन्हें बाहर करना तो आत्मघाती कदम ही था।
हरमनप्रीत ने दी सफाई
मैच शुरू होने से पहले टॉस जीत कर प्तान हरमनप्रीत ने पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया। उस वक्त उन्होंने अपने इस निर्णय पर सफाई देते हुए कहा कि मिताली राज पूरी तरह फिट हैं। उनके फिटनेस में कोई परेशानी नहीं है। बस बस हम विनिंग कॉम्बिनेशन के साथ खेलना चाहते थे। इस वजह से मिताली की जगह तानिया भाटिया ने स्मृति मंधाना के साथ पारी का आगाज किया। बता दें कि अंतिम ग्रुप मैच से पहले अस्वस्थ महसूस कर रही थीं, इसलिए आस्ट्रेलिया के खिलाफ उन्हें आराम दिया गया था।
फाइनल में पहुंचने से तीसरी बार चूका भारत
बता दें कि महिला टी-20 क्रिकेट विश्व कप का फाइनल 24 नवंबर को खेला जाएगा। इसमें आमने-सामने इंग्लैंड और होगी। इससे पहले दो बार 2009 और 2010 में भारत इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में प्रवेश कर चुका है और पिछली दोनों बार भी वह सेमी फाइनल में हार कर बाहर हो गया था।





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