करौली. बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने रविवार को यहां आयोजित चुनावी जनसभा में कांग्रेस-भाजपा पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-भाजपा पार्टियां पूंजीपतियों की मदद से ही सत्ता में आती रही हैं। इसके बाद ये सरकार पूंजीपतियों-धन्नासेठों को फायदा पहुंचाने के हिसाब से ही नीतियां बनती हैं।
आम आदमी इन नीतियों के शोषण का शिकार होता है। करौली-धौलपुर के बसपा प्रत्याशियों के समर्थन में सिद्धार्थ सिटी मैदान पर आयोजित जनसभा में करीब 25 मिनट के सम्बोधन में मायावती ने तीखे तेवर दिखाते हुए कहा कि केन्द्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों से ही देश का आम आदमी महंगाई से त्रस्त है। नोटबंदी, जीएसटी के कारण हर वर्ग त्रस्त हुआ है।
देश की अर्थव्यवस्था पर भी इन नीतियों का गलत असर पड़ा है। मायावती बोलीं कि मौजूदा सरकार की नीतियों से कुछ पूंजीपतियों व धन्नासेठों विकास हुआ है, आम आदमी का नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस व भाजपा की ओर से संविधान में मिले आरक्षण को खत्म करने की कोशिश की जा रही हैं। यही कारण है कि अभी तक पिछड़े वर्ग का आरक्षण कोटा पूरा नहीं किया गया है।
एससी एसटी के लिए बने कानून को प्रभावहीन बना दिया है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण लागू किए बिना ही ज्यादातर सरकारी काम प्राइवेट कम्पनियों से करवाए जा रहे हैं। प्राइवेट सेक्टर के कार्य भी बड़े पूंजीपतियों के माध्यम से हो रहे हैं। मायावती ने कहा कि ओबीसी आरक्षण के लिए कांग्रेस ने रिपोर्ट को दबाए रखा।
इसे लागू करवाने के लिए हमारी पार्टी को संघर्ष करना पड़ा। तब वीपी सिंह शासन में मंडल कमीशन लागू हुआ। मायावती ने आर्थिक आधार पर आरक्षण की पैरवी करते हुए कहा कि उच्च जाति के गरीब लोगों को अलग से आरक्षण देने के लिए बसपा ने कई पत्र लिखे हैं।
इस मौके पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम, प्रदेशाध्यक्ष सीताराम मेघवाल, जिलाध्यक्ष जमनालाल सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद थे। मंच संचालन प्रदेशाध्यक्ष सीताराम ने किया।
बसपा को कांग्रेस करना चाहती है कमजोर
मायावती ने कहा कि प्रदेश में लगभग सभी सीटों पर बसपा अपने बूते चुनाव लड़ रही है। कांग्रेस गठबंधन कर चुनाव लडऩा चाहती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के साथ इसलिए गठबंधन नहीं किया कि वो बहुत कम सीट देकर बसपा को कमजोर करना चाहती थी। ऐसे में पार्टी ने अकेले चुनाव लडऩे का फैसला किया।
लुभावने घोषणा पत्र में नहीं आएं
मायावती ने सावचेत किया कि उनको कांग्रेस-भाजपा के लुभावने घोषणा पत्र में नहीं आना है। वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने सरकार बनने पर हर गरीब के लिए100 दिन में 15-20 लाख रुपए देने की बात कही। यह चुनावी वादा अब तक पूरा नहीं हुआ है। यही रवैया पिछली कांग्रेस सरकारों का रहा है। बसपा घोषणा पत्र जारी नहीं करती। काम कर दिखाने में विश्वास करती है।
हंसराज ने किया विकास का वादा
जनसभा में सपोटरा से बसपा प्रत्याशी हंसराज मीना ने आरोप लगाया कि वर्तमान विधायक ने बिना विकास के ही दस वर्ष गुजार दिए। ना क्षेत्र का विकास हुआ और ना ही समस्याओं का समाधान। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी को लेकर कहा कि उन्होंने राजगढ़ में भी विकास के खूब वादे किए, जो थोथे साबित हुए। अब सपोटरा में विकास के वादे किए जा रहे हैं।
जनसभा में करौली से बसपा प्रत्याशी लाखनसिंह मीना ने कहा कि प्रदेश में पिछले 70 वर्ष से एक बार कांग्रेस और एक बार भाजपा की परिपाटी चली आ रही है, लेकिन इस बार बसपा के बिना सरकार नहीं बनेगी। भाजपा-कांग्रेस एक-दूसरे पर आरोप तो खूब लगाते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं होती।
दोनों एक सिक्के के दो पहलू हैं। टोडाभीम से प्रत्याशी शिवदयाल मीना, बसपा नेता योगेश द्विवेदी आदि ने भी संबोधन दिया। इससे पहले मायावती को प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया गया।





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