दौसा. नामांकन का काम पूरा होने के बाद अब जिले के चुनावी रण की तस्वीर साफ हो गई है। बड़े बागी मैदान से पीछे नहीं हटे। किसी बड़े चेहरे के नाम वापस नहीं लेने से अब जिले की राजनीति बागियों में उलझ गई है। कई पार्टी प्रत्याशियों के समीकरण भी गड़बड़ाते नजर आ रहे हैं। कहीं बहुकोणीय मुकाबले होने के आसार हैं तो कहीं त्रिकोणीय व आमने-सामने की टक्कर है।
भाजपा-कांग्रेस की नींद दूसरे दमदार प्रत्याशियों ने उड़ा दी है। काफी मान-मनोव्वल के बाद भी किसी के मैदान से नहीं हटने पर अब मुकाबला रोचक हो गया है। जिले की हॉट सीट महुवा में मुकाबला बहुकोणीय बन गया है। यहां भाजपा के राजेन्द्र मीना के सामने कांग्रेस से अजय बोहरा हैं, लेकिन बागी हुए विधायक ओमप्रकाश हुड़ला ने भाजपा की मुसीबत बढ़ा दी है तो पूर्व जिला प्रमुख अजीतसिंह ने कांग्रेस की नींद उड़ा रखी है। इसके अलावा बसपा के प्रत्याशी महुवा नगरपालिका चेयरमैन विजयशंकर बोहरा भी जोर लगा रहे हैं।
पांचों प्रत्याशियों का अपना-अपना आधार है। महुवा सीट से कांग्रेस के कद्दावर नेता हरिसिंह महुवा चार बार विधायक रहे, ऐसे में यहां कांग्रेस का परम्परागत वोट बैंक गुर्जर समाज रहा है। इस बार उनके पुत्र अजीतसिंह की बगावत से गुर्जर वोटों को लेकर कांग्रेस के सामने असमंजस की स्थिति बन गई है। वहीं किरोड़ीलाल मीना के प्रभाव से महुवा में मीना वोट बैंक भाजपा के साथ रहा है, लेकिन विधायक ओमप्रकाश हुड़ला के मैदान में होने से छिटकने की आशंका है। सामान्य वर्ग से कांग्रेस व बसपा प्रत्याशी के मैदान में होने से कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है। निर्णायक बन रहे एससी व माली वोटों पर सभी प्रत्याशियों का जोर है। गुरुवार को डॉ. किरोड़ीलाल मीना भी भाजपा प्रत्याशी के लिए गांवों में पहुंचे।
सिकराय-दौसा में तीसरे कोण पर नजर
दौसा विधानसभा सीट पर भाजपा के बागी पूर्व विधायक नंदलाल बंशीवाल के नाम वापस नहीं लेने पर अब मुकाबला त्रिकोणीय हो चला है। यहां से कांग्रेस प्रत्याशी पूर्व विधायक मुरारीलाल मीना व भाजपा से विधायक शंकरलाल शर्मा मैदान में हैं। भाजपा समर्थक सामान्य तो कांग्रेस समर्थक एसटी वर्ग को अपने पक्ष में बड़ा वोट बैंक मानकर चल रहे हैं। नंदलाल के मैदान में होने एससी वोट के उनके पक्ष में जाने की संभावना है। ऐसे में गुर्जर-माली समाज के वोटों पर तीनों प्रत्याशियों की नजर है।
सिकराय में फिलहाल कांग्रेस की ममता भपूेश व भाजपा के विक्रम बंशीवाल में सीधा मुकाबला था, लेकिन विधायक गीता वर्मा के मैदान में डटे रहने पर अब मुकाबला दिलचस्प बन सकता है। वर्मा को मनाने के लिए भाजपा ने पूरा जोर लगाया, लेकिन सफलता नहीं मिली। एससी आरक्षित सिकराय सीट पर करीब 25 प्रतिशत एसटी वोट पर हर किसी की पैनी नजर है। ओबीसी व सामान्य वर्ग को भी भाजपा व कांग्रेस अपने पक्ष में करने में लगी है।
बांदीकुई में रोचक, लालसोट में होगा सीधा मुकाबला
दौसा. एसटी आरक्षित सीट लालसोट में कांग्रेस के परसादीलाल मीना व भाजपा के रामबिलास मीना के बीच सीधी टक्कर है। यहां करीब 35 प्रतिशत मीना वोटर हैं। ऐसे में अन्य जातियों के वोट अपने पक्ष में करने में प्रत्याशी लगे हैं। खासकर लालसोट शहर को निर्णायक माना जा रहा है। वहीं बांदीकुई में मुकाबला रोचक बन गया है। यहां कांग्रेस के जीआर खटाणा के सामने कांग्रेस छोड़कर भाजपा में लौटे पूर्व मंत्री रामकिशोर मीना मैदान में हैं।
भाजपा के बागी रामकरण सैनी को बैठाने के लिए पार्टी नेताओं ने भरसक प्रयास किए। सूत्रों ने बताया कि युवा बोर्ड अध्यक्ष ने भी प्रयास किए। जयपुर तक ले जाकर प्रदेशाध्यक्ष से भी मिलवाया, लेकिन वे नाम वापसी के लिए राजी नहीं हुए।कांग्रेस के बागी वेदप्रकाश शर्मा दोनों ही दलोंं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। बसपा के भागचंद टांकड़ा ने भी मुकाबले को रोचक बना रखा है। मतदाताओं की खामोशी ने यहां सभी प्रत्याशियों की सांसें ऊपर-नीचे कर रखी है।





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