बीकानेर. कांग्रेस प्रत्याशियों की पहली सूची ने जहां बीकानेर शहर की राजनीति में बगावत का बवाल मचा दिया था वहीं रविवार को आई तीसरी सूची ने राजनीतिक समीकरणों को ही पलट कर रख दिया। दो बार लगातार हार से पार्टी में हांसिए पर धकेले गए कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. बीडी कल्ला को बीकानेर पश्चिम से टिकट मिल गया। उनके लिए समर्थकों का लगातार तीन दिन विरोध करना रामबाण साबित हुआ।
वहीं पश्चिम विधानसभा से पार्टी के टिकट देने पर मजबूरी में चुनाव मैदान में उतरे जिलाध्यक्ष यशपाल गहलोत अपनी दावेदारी वाली सीट बीकानेर पूर्व से प्रत्याशी बना दिए गए। कल्ला और यशपाल को टिकटों की घोषणा के साथ ही यशपाल बीकानेर शहर की दोनों विधानसभा क्षेत्रों को विभाजित करने वाली रेलवे लाइन को पार कर पश्चिम से पूर्व में प्रचार करने चले गए। वहीं पार्टी की ओर से बीकानेर पूर्व से टिकट वापिस ले लेने पर निराश होकर प्रत्याशी कन्हैयालाल झंवर बीकानेर शहर में चुनाव कार्यालय व अन्य तैयारियों को छोड़कर वापस नोखा लौट गए।
कांग्रेस की तीसरी सूची ने नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी की राजनीति को भी हिलाकर रख दिया। भले ही बीकानेर पूर्व और पश्चिम से कांग्रेस ने प्रत्याशी बदले लेकिन इसका प्रभाव नोखा विधानसभा क्षेत्र पर भी पड़ा है। जिस कन्हैयालाल झंवर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाकर डूडी ने पूर्व से टिकट दिलाई और नोखा में अपना चुनावी मैदान मजबूत किया वह फिर वापस नोखा पहुंच गए। हालांकि अभी तक झंवर ने नोखा से निर्दलीय चुनाव लडऩे की घोषणा नहीं की है लेकिन झंवर समर्थकों और इस उलटफेर के प्रभाव को भांपकर रामेश्वर डूडी ने बड़ा बयान दिया। डूडी ने नोखा में झंवर के पेट्रोल पम्प पर जुटे कांग्रेस और झंवर समर्थकों को कहा कि यदि पार्टी झंवर को बीकानेर पूर्व से प्रत्याशी नहीं बनाएगी तो वह भी नोखा से चुनाव नहीं लड़ेंगे।
डूडी समर्थकों ने किया प्रदर्शन
बीकानेर में सीटों के बदलाव के बाद प्रतिपक्ष नेता रामेश्वर डूडी के समर्थको ने रविवार को नोखा रोड पर डूडी समर्थकों ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। लूणकरनसर में भी डूडी समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन कर झंवर की टिकट कटने का विरोध किया। रात को इस विरोध प्रदर्शन का असर आलाकमान की ओर झंवर को वापस पूर्व से प्रत्याशी बनाने के रूप में देखने को भी मिला।





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