टोडाभीम.
बालाजी रोड स्थित भीम पैलेस में मंगलवार को टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र की जन एजेंडा बैठक हुई। इसमें विभिन्न वर्गों के लोगों ने क्षेत्रवासियों द्वारा तैयार किए जन एजेंडे पर चर्चा की। साथ ही प्रचार के दौरान प्रत्याशियों को जनएजेंडा की प्रति सौंपने पर इसे क्षेत्र के घोषणा-पत्र के रूप में घोषित करने की मांग की जाएगी।
बैठक में बीते तीन माह में शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में हुई आधा दर्जन बैठकों में आमजन की राय और सुझावों पर विधानसभा क्षेत्र की जरुरतें और प्राथमिकताएं तय कर बनाए जन एजेंडा को चर्चा के लिए रखा। पत्रिका चेजमेंकर भगवान सहाय मीणा की अध्यक्षता में हुई बैठक में सदस्यों ने 10 सूत्रीय जन एजेंडा को क्षेत्र के चहुंमुखी विकास का रोड मैप बता सहमति की मोहर लगाई। साथ ही कहा कि दो उपखण्ड मुख्यालय टोडाभीम और नादौती के हर गांव और आम जन की समस्या और जरुरत को छूते हुए जन एजेण्डा में क्षेत्र का चहुमुखी विकास समाहित है। इस दौरान जीतेंन्द्र शर्मा, हरिमोहन सैन, सुरेश मीणा, पत्रकार राजेंद्र कुमार शर्मा, राधेश्याम मीणा, सुरेश चंद मीणा, राकेश गुप्ता, अमित सेठी व राजेंद्र मीणा ने एजेंण्डा 2018-23 की बिन्दु बार समीक्षा की और इससे टोडाभीम विधानसभा क्षेत्र का जन घोषणा-पत्र के रूप में मामने की बात कही। इस वर्तमान राजनीति, विकास के मायनो और चुनावी वादों पर भी चर्चा की गई।
पहले जनएजेंडा, फिर वोट की बात-
बैठक में सदस्यों ने कहा कि नामांकन दाखिल होने के बाद क्षेत्र में चुनाव में प्रचार की शुरुआत हो गई। ऐसे में गांव, गली, मोहल्ले में वोट मांगने आने पर्र प्रत्याशी को जनएजेंडा की प्रति सौपी जाएगी। उसके बाद भी वोट बात को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके अलावा सोलश मीडिया पर प्रसारित कर व व्यक्तिगत तौर पर मिल कर प्रत्याशियों को जनएजेंडे के बारे में बताया जाएगा। साथ ही इस प्रत्याशी से क्षेत्रीय घोषणा-पत्र के रूप में जारी कराने का प्रयास किया जाएगा।
विकास की नब्ज में पिछड़ेपन का दर्द-
बैठक में विकास की प्राथमिकताओं पर चर्चा के दौरान लोगों में पिछड़ेपन का दर्द झलका। उनका कहना था कि साढ़े पांच दशक पुरानी नगरपालिका होने के बाद भी कस्बा सुविधाओं की दृष्टि से देहाती ढर्रे में ही सिमटा है। राजकीय चिकित्यालय से सोनोग्राफी नहीं होने से रोगियों को महवा व हिण्डौन जाना पड़ता है। राष्ट्रीय राजमार्ग से महज चार किलोमीटर दूर टोडाभीम के विकास में बालाजी की संकरी व दुगर्म घाटी रोडा बनी है। नादौती के मांड क्षेत्र से लेकर टोडाभीम तक पीने और सिचाई के पानी का संकट स्थाई समस्या बन गई है। इस इसके अलावा उपखण्ड मुख्यालय पर बस स्टैण्ड का टोटा यातायात सुविधा की बदहाली की बानगी है। कस्बे जुड़़े अधिकांश सडक़ मार्गों पर रोडवेज का संचालन नहीं होता। लोग डग्गेमार वाहनों में ही आवाजाही करती है।
पत्रिका की पहल को सराहा-
बैठक में लोगों ने पत्रिका की जनएजेंडा की पहल को सराहा। चेंंजमेकर भगवान सहाय मीणा व जीतेंद्र शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दलों के मुख्यालयों जारी होने वाले घोषणा पत्रों में धरातलीय जुड़ाव नहीं होता है। पत्रिका ने गांव-शहर में लोगों के साथ बैठकें कर सुझाव लेकर जमीनी जन एजेंडा तैयार किया है। जन एजेंडा घोषणा पत्र में तब्दील हो तो पिछड़ेपन से उबरने के लिए नक्शा का का काम करेगा।
मतदान का लिया संकल्प-
बैठक के अंत में लोगों ने विधानसभा चुनाव में आगामी सात दिसम्बर को स्वच्छ छबि व विकास कराने वाले प्रत्याशी चुनने का संकल्प लिया। साथ ही लोकमंत्र के महायज्ञ में मतों की आहूति देने का संकल्प लिया। साथ ही परिजन व मित्रों को प्ररित करने की बात कही।





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