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रंग लाई राजस्थान पत्रिका की ओर से चलाई गई मुहिम,सतर्क रहे जिम्मेदार तो विभागों में रहा तालमेल

जैसलमेर. जागरुकता व सतर्कता से हादसों न केवल टाला जा सकता है, बल्कि उनके होने के बावजूद नुकसान को कम से कम करने के प्रभावी प्रयास भी किए जा सकते हैं। जैसलमेर जिले में इस बार दीपावली पर्व के दौरान यही सुखद स्थिति देखने को मिली। गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका की ओर से दीपावली पर्व पर सरहदी जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दीपावली के मौके पर अग्निकांड की आशंका से अवगत करवाते हुए समय पर प्रभावी प्रयास करने की जरूरत पर बल दिया था। इसको लेकर ‘ताकि खुशियों के पर्व में न लगे आग’ शीर्षक से समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। अभियान के माध्यम मसे दूरस्थ गांवों तक पहुंचने में दमकलों के फूल रहे दम, सरहदी जिले में दीपावली से पूर्व आग लगने की घटनाएं रोकने व उन्हें नियंत्रित करने के लिए प्रभावी तैयारियां रखने, पूर्व में हो चुके हादसों से सबक लेने, नहरी क्षेत्र में आग बुझाने के माकूल इंतजाम नहीं होने, ग्रामीण क्षेत्रों में खतरे की आशंका को टालने, सघन आबादी वाले कस्बों में आग बुझाने की सुविधाओं की कमी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उजागर किया। यह पत्रिका के अभियान का ही असर रहा कि समूचे जिले में चंद आग लगने की घटनाएं घटी, लेकिन उन्हें विभागीय सामंजस्य से नियंत्रित कर लिया गया। इस बार दीपावली विशेष इस कारण भी रही कि कोई बड़ा अग्निकांड नहीं हुआ और जहां भी आग लगी, उन्हें नियंत्रित भी कर लिया गया।
पूर्व मेंं हुए हादसों से लिया सबक
पूर्व में हुए हादसों से सबक लेते हुए इस बार जिम्मेदार विभागों में बेहतर तालमेल का असर यह रहा कि आग लगने की घटनाओं को समय रहते काबू पा लिए जाने से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। सोनार किले के परकोटे पर बने प_े की झाडिय़ों में लगी आग को समय पर काबू पा लिया गया और संभावित हादसा टल गया। इसी तरह रहवासी क्षेत्र व व्यास बगेची में भी दमकल व स्थानीय लोगों की सतर्कता से भी आग लगने की घटनाओं पर काबू पा लेने से अनहोनी नहीं हुई। पत्रिका में सिलसिलेवार प्रकाशित समाचारों के कारण लोग भी सतर्क रहे और उन्होंने पटाखे व आतिशबाजी को लेकर निर्धारित नियमों का ध्यान रखा। ऐसे में आग लगने की घटनाओं में भी खासी कमी देखने को मिली।

यहां जागरुकता ने टाले हादसे
लाठी क्षेत्र में अभियान का असर यह रहा कि लोगों ने पटाखे छोडऩे में सावधानी बरती। आग लगने की घटनाओं को रोकने के लिए लोगों ने पटाखे घरों के पास न छोडकऱ खुले में ले छोड़े। यहां अग्निकांड नहीं होने से इस बार दीपावली पर्व शांति से मनाया गया। उधर, मोहनगढ़ क्षेत्र में दीपावली के मौके पर कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। दीपावली पर पुलिस प्रशासन व ग्रामीणों की सतर्कता के कारण आग लगने की घटनाओं पर नियंत्रण रहा। ग्रामीणों की सजगता के कारण आतिशबाजी के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय वारदात होने की बात सामने नहीं आई। इसी तरह फलसूंड क्षेत्र में भी दीपावली पर्व पर ग्रामीणों ने जागरूकता दिखाई। पटाखों को आबादी क्षेत्र से दूर छोड़े जाने से कोई हादसा नहीं हुआ। ग्रामीणों ने सजगता दिखाई।

विभागीय तालमेल रहा
प्रशासन ने आर्मी, बीएसएफ, नगरपरिषद, ओएनजीसी व सरकारी उपक्रमों से सामंजस्य बनाए रखा। आग लगने की सूचना पर त्वरित रूप से साधन-संसाधन मुहैया करवाकर उसे बुझाने की व्यवस्था को लेकर तैयारी थी। लोगों की जागरुकता व विभागीय सतर्कता से दीपावली में कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ।
-ओम कसेरा, जिला कलक्टर, जैसलमेर



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