Breaking News
recent

जानिए पत्रिका के शुद्ध के लिए युद्ध अभियान के तहत फेक न्यूज का सच

आबूरोड. विधानसभा चुनाव शुरू होने के साथ ही सोशल मीडिया पर कई प्रकार की फेक खबरे भी वायरल हो रही है। इसमें कई जगह तो प्रत्याशी विशेष के लिएभ्रामक प्रचार किया जाता है, वहीं कई बार विपक्षी दल के प्रत्याशी के लिएदुष्प्रचार करने से भी बाज नहीं आते हैं।वैसे प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर भ्रामक प्रचार पर कड़ी कार्रवाईका दावा किया जाता है, लेकिन इसके बावजूद इन मैसेजों पर लगाम कसना मुश्किल नजर आ रहा है। कुछ ऐसा ही मामला आबू पिंडवाड़ा विधानसभा में भी नजर आ रहा है।कांग्रेस प्रत्याशी लालाराम गरासिया को लेकर कुछ भाजपा व्हाट्स एप ग्रुप में मैसेज वायरल हो रहे हैं।जिसमें एक विडियो भेजा गया है।विडियो के साथ ही एक मैसेज लिखा है। जिसमें कहा गया है कि कांग्रेस प्रत्याशी लालाराम को आबू में दिखाया गया काला झंडा। मैसेज व विडियो देखकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे माउंट आबू में प्रचार के लिएगएप्रत्याशी का लोगों ने विरोध किया हो, लेकिन दरअसल मामला तो कुछ और ही है।पत्रिका के मामले की तह तक जाने पर कुछ ओर ही घटनाक्रम नजर आ रहा है।
दरअसल विडियो माउंट आबू के उपखंड कार्यालय के पास का है। जहां आबू संघर्ष समिति के सदस्य काली पट्टी बांधकर व हाथो में तख्तियां व काला झंडा लेकर बिल्डिंग बायलॉज स्वीकृति को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न दलों के प्रत्याशियों के यहां कार्यकर्ताओं के साथनामांकन जमा करवाने पहुंचने पर मतदान बहिष्कार के नारे लगाते हुएसदस्यों ने विरोध जतायाथा।
इन्होंने बताया ...
ये विरोध आगामी विधानसभा चुनाव में जोभी उम्मीदवार हो उसे बायलॉज में सहयोग प्रदान करने के लिएकिया गया था।माउंट आबू के लोग सालों से वंचित है। विरोध किसी किसी पार्टी या प्रत्याशी विशेष के लिएनहीं किया गया था।हमारा विरोध चुनाव प्रक्रिया से पूर्व से चल रहा है।पूर्व में माउंट आबू बंद भी किया गया था।यदि प्रशासन शीघ्र बिल्डिंग बायलॉज की प्रक्रिया शुरू कर देती तो विरोध प्रदर्शन की आवश्यकता ही नहीं होती।
- सुनिल आचार्य, अध्यक्ष, आबू संघर्ष समिति, माउंटआबू

 



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.