लाठी. क्षेत्र के धोलिया गांव में एक जल स्त्रोत के पास कलगी नामक दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों के तीन शव बरामद हुए। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी व कार्मिक मौके पर पहुंचे और शवों को अपने कब्जे में लिया। अखिल भारतीय जीवरक्षा विश्रोई सभा के राधेश्याम पेमाणी सहित वन्यजीवों की ओर से शुक्रवार को सुबह मोनीटरिंग की जा रही थी। इस दौरान जल स्त्रोत के पास कलगी नामक पक्षी के दो शव मिले। उन्होंने इसकी सूचना वन विभाग को दी। जिस पर क्षेत्रीय वन अधिकारी धीराराम मेघवाल, वनपाल कानसिंह मेड़तिया, मुकनाराम, राजूराम सहित कार्मिक मौके पर पहुुंचे। उन्होंने पक्षियों के शवों व एक घायल पक्षी का शव अपने कब्जे में लिया और घायल का उपचार करवाया। उपचार के दौरान तीसरे पक्षी ने भी दम तोड़ दिया। वन विभाग के अधिकारी व कार्मिक पोस्टमार्टम के लिए शव पोकरण अस्पताल लेकर गए।
पोस्टमार्टम के बाद होगा खुलासा
मृत मिले पक्षियों के शव को लाठी में चिकित्सक नहीं होने के कारण पोकरण अस्पताल भिजवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा।
धीराराम मेघवाल, क्षेत्रीय वन अधिकारी वन विभाग, लाठी।
पेयजल संकट गहराया
डाबला. जिला मुख्यालय से सटे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है। शहर से तीस किलोमीटर दूर आशायच गांव में देवीसिंह की ढाणी में काफी दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप हैं। जानकारी के अनुसार करीब दस से पन्द्रह दिनों से पेयजल आपूर्ति ठप है। आशायच गांव से सदात, उनड़ो की ढाणी व गांव की पेयजल आपूर्ति यहीं से होती है। एक कर्मचारी व अस्थायी लाइन मेन के भरोसे से समय पर जलापूर्ति नहीं हो पा रही हैं। एक तरफ चारे का संकट तो दूसरी तरफ पानी की समस्या के कारण पशु-पक्षियों के साथ साथ आमजन भी पानी के कारण दर दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। पानी की समस्या के कारण पशुधन प्यास के मारे व्याकुल नजर आ रहे हैं। जीएलआर के पास पशुओं के साथ साथ ग्रामीणों को भी पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण ओमसिंह, जेठूसिंह, रामूराम, नारायणराम आदि ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद भी समस्या जस की तस बनी हुई है।





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