सुरेन्द्रसिंह राव/उदयपुर. जिले के मूंगाणा में स्थित सहायक अभियन्ता जल संसाधन विभाग कार्यालय लंबे समय से मात्र एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के भरोसे चल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों व अधिकारियों ने धरियावद को अपना निवास स्थान बना रखा है। मूंगाणा का सारा रिकॉर्ड धरियावद में रखकर कार्य किया जाता है। वर्तमान में विभाग की ओर से जाखम बांध की नहरों में जल प्रवाह किया जा रहा है। देखरेख के अभाव में टेल के काश्तकारों के खेतो तक पानी नहीं पहुंच रहा है। रोजाना काश्तकार जल संसाधन कार्यालय मूंगाणा के चक्कर लगाते हैं लेकिन कोई जवाब देने वाला नही है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दफ्तर खोलकर छोड़ देता है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि खेतों में रेलणी का समय चल रहा है। सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने से परेशान काश्तकार समस्या लेकर आते हैं लेकिन कोई नहीं मिलने पर मायूस लौटते हैं।
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धरियावद उपखण्ड क्षेत्र में 6 एईएन के पद स्वीकृत है। वर्तमान में दो कार्यरत है। 15 जेईएन के पद है, लेकिन 4 ही कार्यरत है। हांडाखेड़ा जाखम बांध धरियावद आदि कार्यालय के एक अधिकारी के पास तीन-तीन कार्यालय का जिम्मा है। समय-समय पर जेईएन व एईएन मूंगाणा ऑफि स आते हैं। अभी सिंचाई के लिए नहरों में पानी चल रहा है। इनकी देख रेख के लिए ड्यूटी लगा रखी है। नहरों में पानी का गेज बढ़ा दिया है। शीघ्र ही अन्तिम छोर के काश्तकारों के खेतों तक पानी पहुंच जाएगा। — सी.पी मेघवाल, अधिशासी अभियन्ता, जल संसाधन विभाग धरियावद





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