नई दिल्ली। 2019 लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओडिशा इकाई को बड़ा झटका लगा है। यहां शुक्रवार को पार्टी के दो राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्यों दिलीप रे और बिजॉय महापात्रा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। महापात्रा और रे ने संयुक्त इस्तीफा पत्र भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को भेजा। दोनों ने कहा कि कई नेता टिकट नहीं मिलने के डर से राज्य से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चुप्पी साधे रहे हैं। वहीं, भाजपा की इस ओर से दोनों नेताओं के इस्तीफे को लेकर अभी तक कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।
Former Union Minister Dilip ray resigns as Rourkela MLA,quits BJP; says in his resignation letter,'I acknowledge my failure in living up to their (constituents) expectations&therefore taking up moral responsibility, I've decide to quit. The decision is emotionally painful for me' pic.twitter.com/EkzpmqDXmC
— ANI (@ANI) November 30, 2018
गंदी चालों का सहारा लिया
पत्र मे दोनों ने लिखा कि हमारे द्वारा आपके कल्याण के लिए दिए गए सुझावों को कुछ घमंडी, स्वार्थी लोगों द्वारा खतरे के आशय के रूप में समझा गया, जिन्होंने गंदी चालों का सहारा लिया और हमारे संबंधित क्षेत्रों में एक अभियान शुरू किया और हमारा उपहास करने की कोशिश की। इस्तीफे में दोनों ने लिखा कि एक आत्मसम्मानी नेता के तौर पर ओडिशा की दशकों तक सेवा करने के बाद वे पार्टी में शोपीस के तौर पर बने रहने से इनकार करते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों ने लंबे समय से पार्टी नेतृत्व से असंतुष्ट चल रहे थे। हालांकि अभी तक इस बात की कोई जानकारी नहीं मिली है कि इन दोनों नेताओं का अगल कदम क्या होगा।
राज्य का हित सर्वोपरि
दोनों ने कहा कि हमारे लिए राज्य का हित सर्वोपरि है। हमने किसी भी पद, रसूख या टिकट के लिए अपने आत्म सम्मान या राज्य के हित से कभी भी समझौता नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस तरह की चुप्पी किसी लोकतंत्र के लिए अच्छा संकेत नहीं है। रे जो राउरकेला विधानसभा क्षेत्र से विधायक भी हैं, उन्होंने शुक्रवार को ओडिशा विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। रे ने ट्वीट किया कि बेहद पीड़ा के साथ मैंने राज्य विधानसभा और भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता को छोड़ने का फैसला किया है। उन्होंने स्पीकर प्रदीप अमात से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया।





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