जिले की सवाईमाधोपुर, गंगापुरसिटी एवं बामनवास सीटों पर बगावत की आग अभी तक ठंडी होने का नाम नहीं ले रही है। सवाईमाधोपुर मे जहां दीया कुमारी समर्थकों ने भाजपा के घोषित प्रत्याशी के विरोध का निर्णय किया। वहीं गंगापुरसिटी एवं बामनवास विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस में पूर्व विधायकों ने बगावत कर निर्दलीय नामांकन भरने का ऐलान किया।
आज फिर होगी बैठक
सवाईमाधोपुर. विधायक दीया कुमारी का टिकट नहीं देने के विरोध में यहां भाजपा कार्यकर्ता रविवार को भी एकजुट होते नजर आए। उन्होंने यहां आलनपुर स्थित एक मैरिज गार्डन में बैठक आयोजित की। इसमें आसपास गांवों एवं शहरी क्षेत्र के कार्यकर्ता मौजूद थे। इसमें कार्यकर्ताओं ने कहा कि पार्टी ने एक सक्रिय विधायक को टिकट नहीं देकर गलत कदम उठाया है। ऐसे में कार्यकर्ता पार्टी के इस गलत निर्णय को स्वीकार नहीं करेगा। कार्यकर्ताओं ने भाजपा के घोषित प्रत्याशी का विरोध करने का निर्णय किया। साथ दीया के पति नरेन्द्र सिंह को उम्मीवादर घोषित कर निर्दलीय नामांकन दाखिल कराने पर भी चर्चा की गई, लेकिन इस बारे में एक सहमति नहीं बन पाई। कुछ कार्यकर्ताओं का कहना था कि अगर नरेन्द्र सिंह निर्दलीय खड़े होते हैं तो दीयाकुमारी को भी प्रचार में आना चाहिए, लेकिन दीया समर्थकों ने कहा कि उनकी पार्टी की मजबूरी है, ऐसे में प्रचार करने नहीं आ सकती है। अगर प्रचार करना होता तो वे खुद ही चुनाव लड़ सकती थी। बैठक के बाद निर्णय किया कि सोमवार को सुबह 11 बजे बजरिया के महावीर पार्कमें एक और बैठक बुलाई जाएगी। इसमें किसी एक निर्दलीय प्रत्याशी को नामांकन दाखिल कराया जाएगा। बैठक में भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री देवेन्द्र सिंह राठौड़, भाजयुमो के पूर्व जिलाध्यक्ष अनमोल तोमर, प्रवक्ता रवि शर्मा, अनिल नटाणी, पार्षद गिरधारीलाल अनिल सिंह जादौन, रघुवीर सिंह, दीपक सिंह भी थे।
पार्टी के निर्णय के खिलाफ जो भी जाएगा, वह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। इसकी जांच कर रहे है।
सुरेश जैन, जिलाध्यक्ष, भाजपा, सवाईमाधोपुर
गंगापुरसिटी विधानसभा क्षेत्र कांग्रेस में रामकेश की बगावत बिगड़ सकता है बड़े दलों का गणित कई दावेदार कर सकते हैं नामांकन आज
गंगापुरसिटी. भाजपा-कांग्रेस प्रत्याशियों के 'चेहरेÓ जनता के सामने आ गए हैं। बड़े दलों के प्रत्याशियों ने अपने-अपने हिसाब से जीत का गणित भी लगाना शुरू कर दिया है, लेकिन 'बागियों के मैदान में आने से यह गणित गड़बड़ाना लाजिमी है। कांग्रेस ने अपने पुराने नेता दुर्गाप्रसाद अग्रवाल के बेटे पर दांव खेला है। वहीं भाजपा ने निवर्तमान विधायक मानसिंह गुर्जर को एक बार फिर मौका दिया है। कांग्रेस ने पूर्व संसदीय सचिव रामकेश मीना का पत्ता काट दिया है। ऐसे में मीना से जुड़े कार्यकर्ता खासे नाराज हैं। इस नाराजगी को तवज्जो देकर मीना ने चुनावी मैदान में आकर निर्दलीय के रूप में पर्चा भरने का ऐलान कर दिया है। ऐसे में गंगापुरसिटी विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार हैं।
पूर्व संसदीय सचिव रामकेश मीना वर्ष 2008 में यहां से बसपा के टिकट पर जीत दर्ज कर कांगे्रस में शामिल होकर संसदीय सचिव बने थे। इसके बाद वर्ष 2013 में उन्हें कांग्रेस ने टिकट थमाया, लेकिन वह जीत दर्ज नहीं कर सके। उन्हें भाजपा के मान सिंह गुर्जर ने शिकस्त दी। अब भाजपा ने मानसिंह गुर्जर पर भरोसा कायम रखते हुए टिकट दिया है। वहीं कांग्रेस ने गंगापुरसिटी से लगातार दो बार विधायक रह चुके दुर्गाप्रसाद अग्रवाल के बेटे राजेश अग्रवाल को अपना प्रत्याशी घोषित किया है। टिकट की दौड़ में अंत तक शामिल रहे मीना का ऐन वक्त पर टिकट कटने से मीना समर्थक कार्यकर्ताओं में नाराजगी झलक रही है। कार्यकर्ताओं ने इसको लेकर शनिवार को बाजार में मीना के निवास के बाहर नारेबाजी करते हुए मीना को निर्दलीय के रूप में मैदान में उतारने की बात कही। मीना ने भी कार्यकर्ताओं की राय को तवज्जो देकर अब पर्चा दाखिल करने का फैसला कर लिया है।
गांव-गांव जाकर ली टोह
मीना कार्यकर्ताओं के गुस्से को भांपकर टिकट कटते ही फील्ड में निकल गए और टोह लेना शुरू कर दिया। शनिवार और रविवार को मीना ने गांव-गांव और ढाणी-ढाणी जाकर कार्यकर्ताओं से मिलकर अपनी 'जमीन तलाशी। संभवतया फील्ड से अच्छे संकेत मिलने पर उन्होंने नामांकन दाखिल करने का निर्णय किया। ऐसे में इस सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय होने के आसार हैं।
ऊपर से ही हुई देरी
भाजपा प्रत्याशी मानसिंह गुर्जर की टिकट ऐन वक्त पर नामांकन से एक दिन पहले घोषित हुई है। इस देरी पर गुर्जर का कहना है कि यह देरी पार्टी नेतृत्व की ओर से हुई है। हम पार्टी के सिपाही हैं और हम देरी की वजह नहीं ढूंढकर एकजुट होकर पार्टी के लिए चुनाव लड़ेंगे। आपसी खींचतान के सवाल पर गुर्जर ने कहा कि पार्टी में खींचतान जैसी कोई स्थिति नहीं है। पूरी पार्टी एकजुट होकर चुनाव लड़ रही है।
कार्यकर्ताओं की मंशा के अनुरूप मैंने नामांकन दाखिल करने का निर्णय किया है। सोमवार सुबह में कार्यकर्ताओं के साथ नामांकन दाखिल करूंगा।
रामकेश मीना, पूर्व संसदीय सचिव
बामनवास विधानसभा क्षेत्र बगावत कांग्रेस का दामन छोड़ निर्दलीय ताल ठोकेंगे नवल किशोर मीणा कांग्रेस ने पूर्व विधायक का टिकट काट कर महिला को दिया मौका
सवाईमाधोपुर. बामनवास विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक रह चुके नवल किशोर मीणा कांग्रेस से टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर पार्टी से बगावत कर कार्यकर्ताओं के साथ सोमवार को निर्दलीय फार्म भरेंगे। मीणा 2003 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े थे, लेकिन हारे थे। इसके बाद कांग्रेस ने 2008 में फिर टिकट दिया तो वे जीतकर विधायक बने। वहीं 2013 में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन उनको हार मिली। जानकारी के अनुसार नवल किशोर मीणा राजनीतिक पृष्ठभूमि से जुड़े हुए हैं। उनके भाई कांग्रेस नेता नमोनारायण मीणा हैं। हरीश मीणा पुलिस में महानिदेशक पद पर रहे व वर्तमान सरकार से दौसा लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे। वे भी कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। ऐसे में नवल किशोर मीणा को पूरी उम्मीद थी कि पार्टी बामनवास क्षेत्र से उन्हें ही अपना प्रत्याशी बनाएगी, लेकिन कांग्रेस ने महिला प्रत्याशी इंदिरा मीणा पर भरोसा जताया। इसे लेकर नवल किशोर मीणा व उनके कार्यकर्ताओं में पार्टी के खिलाफ रोष है। मीणा ने बताया कि सुबह 9 बजे अपने कार्यकर्ताओं के साथ निर्दलीय नामांकन दाखिल करेंगे।
खण्डार विधानसभा क्षेत्र आज स्थिति होगी साफ खण्डार में नहीं बागी तेवर कांग्रेस-भाजपा में सीधा मुकाबला
खण्डार विधानसभा क्षेत्र में भाजपा एवं कांग्रेस में बागी तेवर किसी ने भी नहीं दिखाए हैं। ना ही कोई बागी का बड़ा नाम भी सामने नहीं आया है। ऐसे वहां भी अब तक सीधा मुकाबला होने के ही आसार है। हालांकि अन्य दलों के प्रत्याशियों व निर्दलीयों की ओर से सोमवार को नामांकन दाखिल किए जाएंगे। इसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।





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