जैसलमेर. वर्ष 2003 में पहली बार भाजपा के प्रत्याशी के तौर पर विजयी होकर सांगसिंह भाटी विधायक बने थे। वे पूर्व में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर 1998 में भी चुनाव लड़ चुके हैं। वर्ष 2008 में इनका पार्टी ने टिकट काट दिया और वर्ष 2013 में भी उन्हें टिकट नहीं दी गई। इसके बाद भी वे राजनीति में सक्रिय रहे। इस बार पार्टी ने उन्हें दूसरी बार अपना प्रत्याशी बनाया है।
टिकट मिलते ही पहली बात:
भाजपा ने सिपाही के तौर पर मुझे प्रत्याशी बनाया है। मेरी पूरी कोशिश जैसलमेर के साथ पोकरण से भी भाजपा को ऐतिहासिक विजय दिलाने की रहेगी। बेरोजगार युवाओं को रोजगार, भूमिहीनों को जमीन आबंटन तथा नहरी किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिलाना प्राथमिकता रहेगी।
प्रत्याशी की पहचान:-
प्रोफेशन - कृषि कार्य
पहचान - पूर्व विधायक
राजनीतिक अनुभव - पूर्व में प्रधान और विधायक रह चुके हैं।
लाइफ स्टाइल - धोती-कुर्ता, खाकी साफा
अक्सर यहां मिलते है - पोकरण स्थित निवास और जैसलमेर
पोकरण : पहली बार चुनाव लड़ेंगे स्वामी प्रतापपुरी, वर्तमान विधायक की कटी टिकट
भाजपा की दूसरी सूची में पोकरण विधानसभा से बाड़मेर जिलांतर्गत चौहटन के तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी महाराज को प्रत्याशी बनाया गया है। करीब 45 वर्ष के प्रतापपुरी महाराज पहली बार विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं। वर्ष 2008 में परिसीमन के बाद जैसलमेर से अलग हुए पोकरण विधानसभा में तीसरी बार हो रहे चुनाव में भाजपा की ओर से महंत को प्रत्याशी बनाकर मैदान में उतारा गया है, जो क्षेत्र के लिए नया चेहरा है।
टिकट मिलते ही पहली बात -
विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उम्मीदवारी का मौका दिया है। राष्ट्रहित में काम करने के लिए समाज को एकजुट रखना मेरी प्राथमिकता होगी। इसके अलावा क्षेत्र की समस्याओं का त्वरित समाधान करवाया जाएगा।
प्रत्याशी की पहचान:-
प्रोफेशनल- संन्यासी
पहचान - तारातरा मठ के महंत
राजनीतिक अनुभव - पूर्व में राजस्थान गौसेवा संघ के उपाध्यक्ष् ा रहे
लाइफ स्टाइल - भगवा कुर्ता, टेमल व भगवा साफा
अक्सर यहां मिलते हैं - तारातरा मठ चौहटन, बाड़मेर





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