नई दिल्ली। मोदी सरकार में मंत्री और बागपत से भाजपा सांसद सत्यपाल सिंह ने यूपी में सीएम योगी आदित्यनाथ के हनुमान जी वाले बयान पर कहा है कि हनुमान जी किसी जाति के नहीं थे। उन्होंने कहा है कि भगवान हनुमान की आर्य नस्ल के थे। यानी उन्होंने एक दम आगे बढ़ाते हुए उनकी नस्ल भी ढूंढ निकाली है। एक जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि हनुमान जी दलित नहीं आर्य नस्ल के थे।
उस समय दलित और वंचित जातियां नहीं थीं
केंद्रीय मंत्री सत्यपाल सिंह ने कहा कि राम और हनुमान के समय में जाति व्यवस्था नहीं थी और उस जमाने में वर्ण व्यवस्था थी। बाल्मीक रामायण और रामचरित मानस के अनुसार उस जमाने में दलित, वंचित और शोषित नहीं थे। राम और हनुमान आर्य जाति से हैं। भारत वर्ष में सबसे पहले आर्य आये थे। इसलिए भगवान राम और हनुमान आर्य थे। सत्यपाल सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उन्हें दलित बताया है तो इस बारे मे वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ ने अलवर में भाजपा प्रत्याशी के लिए बजरंगबली के नाम पर वोट देने की अपील करते हुए कहा था कि बजरंगबली दलित थे। उन्होंने बजरंगबली को दलित, वनवासी, गिरवासी और वंचित करार दिया था। योगी ने कहा था कि बजरंगबली एक ऐसे लोक देवता हैं जो स्वयं वनवासी हैं।
कांग्रेस का पलटवार
उनके इस बयान को विरोधी दलों खासकर कांग्रेस ने हाथोहाथ लिया और उनपर हमला बोल दिया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि योगी ने जाति के आधार पर वोट मांगने का काम किया हैा कांग्रेस ने इसकी शिकायत चुनाव आयोग से भी की है।





No comments:
Post a Comment