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राजस्थान के करौली में पशुपालक के हत्यारे डकैत को मौत की सजा,एक लाख रुपए के जुर्माने से दण्डित भी किया है


फैसला पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय के अधीन रखा
करौली. जिला एवं सैशन सत्र न्यायधीश संगीता शर्मा ने करौली जिले के कुख्यात डकैत भजन उर्फ बहादुर सिंह पुत्र हरफूल मीना को मृत्यु दण्ड की सजा सुनाकर फैसले को पुष्टि के लिए उच्च न्यायालय के अधीन रखा है। इसके अलावा उसके भाई व अन्य साथियों को तीन-तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जिले में मृत्यु दण्ड का तीसरा मामला है। लोक अभियोजक संतोष सिंह ने बताया कि सितम्बर २०१२ में रात के समय पुराने जमीन विवाद में डकैत भजन मीना, अपने भाई भंवर मीना, साथी जीवन सिंह, मुकेश मीना, अमरचंद, हरफूल, नरेश गंगाराम, बिजेन्द्र, पृथ्वी आदि के साथ मेहतोनपुरा की खिरखारी पर पहुंचा, जिसने पशुपालक अमरसिंह पुत्र ठुण्टीराम मीना निवासी मेहतोनपुरा के चार-पांच गोली मार हत्या कर दी। इस मामले में कोर्ट ने आरोपी डकैत को मृत्यु दण्ड की सजा सुनाई है। इसके अलावा एक लाख रुपए के जुर्माने से भी दण्डित किया है। लोक अभियोजक ने बताया कि उसके डकैत के भाई भंवर पुत्र हरफूल मीना, नरेश, गंगाराम तथा विजेन्द्र सिंह को तीन साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
नजदीक से सिर में मारी गोली
मृतक पशुपालक अमरसिंह अपने परिजन व ग्रामीणों के साथ मेहोतनपुरा गांव के जंगल में खिरखारी पर पशुओं के साथ रहता था। 29 सितम्बर को रात के समय डकैत भजन मीना खिरखारी पर आया था, जिसने ग्रामीणों से पूछा कि अमरसिहं कहा है, उसे गोली मारनी है। ग्रामीणों ने गोली नहीं मारने की गुहार डकैत से लगाई। इसी दौरान डकैत को अमरसिंह दिखाई दे गया। जिस पर डकैत ने धडाधड़ चार-पांच गोली उसके सीने में उतार दी। बाद में लौटते समय एक गोली नजदीक से उसके सिर में मारी। इसकी प्राथमिकी उसके चचेरे भाई दुर्गालाल पुत्र कुट्टन मीना निवासी मेहोतनपुरा ने दर्ज कराई है।
दर्जनों मामले है डकैत के खिलाफ
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार दोनों सगे डकैत भाई भजन व भंवर का करौली जिले की डांग में आंतक चलता था। इनके खिलाफ हत्या, लूटपाट, चौथवसूली व हत्या के प्रयास के दर्जनों मामले करौली जिले सहित अन्य थानों में दर्ज है। डकैत भजन अजमेर की जेल में बंद है तथा उसका भाई कोटा में बंद है। जब वह पेशी पर आता है तो १०० से अधिक पुलिस के जवान उसकी सुरक्षा में रहते हैं। डकैत पर लगभग १० लाख रुपए की इनाम घोषित की गई थी। उल्लेखनीय है कि डकैत ने पहले अमरसिंह के परिवार के चिरंजीलाल की हत्या कर दी। इस मामले में वह राजीनामे का दबाव डाल रहा था। राजीनामा नहीं होने पर डकैत ने अमरसिंह की हत्या कर दी।



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