जैसलमेर. न नियमों की जानकारी है और न कायदों की ही परवाह..। न इन्हें कोई रोकने वाला है और न ही कोई टोकने वाला। हर दिन यहां पहियों के नीचे नियमों को कुचला जाता है। गौरतलब है कि टैक्सी परमिट के लिए 21 हजार रूपए शुल्क रजिस्ट्रेशन के लिए निर्धारित है और बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाए जाने पर 5 हजार रूपए जुर्माने का प्रावधान है, फिर भी इसका भय व्यवस्था को बनाए रखने में सक्षम साबित होता दिखाई नहीं दे रहा। हकीकत यह है कि मार्च महीने या विशेष मौकों को छोडक़र कार्रवाई नहीं होने से यह स्थिति बन रही हैै। जैसलमेर के मुख्य मार्गों से लेकर पर्यटन स्थल व पार्किंग स्टैण्डों तक वाहनों की कतारों में से ऐसे वाहनों को आसानी से देखा जा सकता है। पर्यटन सीजन के उफान पर होने के दौरान स्वर्णनगरी के पर्यटन नगरी के रुप में पहचान बनाने के साथ ही सैलानियों को सैर कराने के लिए वाहन उपलब्ध कराने की मानों होड़ मच गई है। ऐसे में निजी वाहनों को भी टैक्सी के तौर पर संचालित होते देखा जा सकता है।
एक माह की अवधि के भीतर वाहन का पंजीकरण जरूरी होने के बावजूद नियमों को ताक पर सडक़ों पर ऐसे वाहन नजर आ रहे हैं। पर्यटन से जुड़े कई लोगों ने निजी वाहनों को किराए के वाहन के रुप में उपयोग करना शुरू कर दिया है।
अवैध वाहनों से सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंच रहा है। पत्रिका पड़ताल में यह बात सामने आई है कि नियम व कायदों से परे स्वर्णनगरी सहित इसके समीपवर्ती क्षेत्रों की सडक़ों पर दौड़ रहे ऐसे अवैध वाहनों का उपयोग लगातार बढ़ रहे हैं। उधर, सरकारी तंत्र को चूना लगाने का यह खेल लंबे समय से चल रहा है। उधर, कृषि व पशुपालन प्रधान सरहदी जैसलमेर जिले में खेती से संबंधित कार्याे के लिए लिए गए ट्रेक्टरों का भी खुले आम बजरी, पानी की टंकिया व अन्य परिवहन के लिए उपयोग हो रहा है।
जानकारों की मानें तो विभाग की ओर से केवल मार्च महीने में निर्धारित लक्ष्य को हासिल करने के लिए ऐसे वाहनों को सीजन करने की कार्रवाई की जाती है, वहीं उन वाहनों को सीज किया जाता है, जिनके तब तक टैक्स जमा नहीं करवाए जाते। बिना टैक्स के चलने वाले वाहनों को सीज करने की कार्रवाई में ढिलाई बरतने और पेनल्टी सहित टेक्स वसूलने में शिथिलता होने से यह स्थिति सामने आ रही है।
फेक्ट फ़ाइल
०5 करोड़ के करीब राजस्व अर्जित करने का लक्ष्य रहता है परिवहन विभाग के पास
100 से अधिक निजी वाहन जैसलमेर में नियम विरुद्ध चल रहे है किराए से
14०० के करीब वाहन सडक़ों पर दौड़ रहे हैं बिना रजिस्ट्रेशन के
०5 हजार रुपए जुर्माने व वाहन जब्ती का प्रावधान है बिना रजिस्ट्रेशन वाहन चलाने पर
21 हजार रुपए के करीब शुल्क निर्धारित है टैक्सी परमिट के रजिस्ट्रेशन के लिए
15 हजार के करीब शुल्क निर्धारित है ट्रेक्टर के पंजीयन के लिए
०1 साल की अवधि के लिए किया जाता है वाहनों का पंजीकरण





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