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रबी की फसलों में सिर उठाने लगी बीमारियां

कई खेतों में चना, मसूर के पौधे सूखने लगे
इल्लियों का प्रकोप
प्रतापगढ़ कांठल में रबी की बुवाई होने के बाद फसलें अंकुरित हो गई है।कई खेतों में चने व मसूर की फसल में इल्लियों का प्रकोप भी होने लगा है। वहीं कई खेतों में पौधे सूखने की बीमारी से ग्रसित होने लगे है। ऐसे में भूमिपुत्रों में चिंता की लकीरें दिखने लगी है। वहीं कई किसान इल्लियों के नियंत्रण के लिए कीटनाशक का भी प्रयोग करने लगे है। वहीं विभाग की ओर से इल्लियों पर नियंत्रण के लिए उपयुक्त मात्रा में कीटनाशक का उपयोग करने की सलाह दी है।
गौरतलब है कि जिले में इस वर्षमानसून के अंत एक और अच्छी बारिश हो गई थी। इससे खेतों में नमी भी थी।इसे देखते हुए किसानों ने चने, मसूर की बुवाई की थी। इन दिनों चने, मसूर की फसल में इल्लियों का प्रकोप होने लगा है।
अंतिम बारिश से बढ़ा चना का रकबा
जिले में इस वर्ष मानसून के अंतिम चरण में अच्छी बारिश हुई। इससे लक्ष्य के मुकाबले चने की बुवाई का आंकड़ा भी बढ़ा है। कृषि विभाग की ओर से 20 हजार हैक्टेयर में ही चना की बुवाई का लक्ष्य था।जबकि जिले में 26 हजार हैक्टेयर में चने की बुवाई की गई है।
यह है बुवाई का आंकड़ा
जिले में रबी की फसल बुवाई का लक्ष्य एक लाख 34 हजार 500 हैक्टेयर में निर्धारित किया गया है।इसकी एवज में अब तक जिले में एक लाख 49 हजार 45 हैक्टेयर में बुवाई हो चुकी है। इसमें अभी गेहूं की बुवाई का दौर अंतिम चरण में है। जो नहरी इलाकों में चल रहा है।

इस तरह करे नियंत्रण
कृषि वैज्ञानिक डॉ. योगेश कन्नोजिया ने बताया कि चने की इल्ली के नियंत्रण के लिए क्यूनालफॉस 25 प्रतिशत ईसी की डेढ़ लीटर मात्रा अथवा क्लोरपाईरिफास 20 प्रतिशत ईसी की डेढ़ लीटर मात्रा अथवा प्रोफेनफास 50 प्रतिशत ईसी की एक लीटर मात्रा प्रति हैक्टेयर के आधार पर 500 लीटर पानी में मिलाकर छीडक़ाव करें। जिससे इल्लियों के प्रकोप से निजात मिलेगी। वहीं आवश्यकता पडऩे पर इस छीडक़ाव को दोबारा दोहराएं। इसी के साथ चने में उकटा रोग भी नजर अता है।
फोटो...
सूखने लगे है पौधे
चना व मसूर के पौधे सूखने लगे है।ऐसे में किसानों में चिंता होने लगी है। यह बीमारी पौधे की वानस्पतिक वृद्धि को प्रभावित करता है। जिससे पौधा सूख जाता है। खेत में वांछित पौध संख्या प्रति हैक्टेयर से नहीं रहती है। ऐसे लक्षण नजर आने पर किसान कार्बोन्डाजिम 50 प्रति डब्ल्यूपी डेढ़ से दो ग्राम मात्रा प्रति लीटर पानी के मान से छिडक़ाव करें।

निर्धारित मात्रा में ही कीटनाशक का छिडक़ाव करें
अभी कई इलाकों से फसलों में इल्लियों के प्रकोप की सूचनाएं मिली है। ऐसे में किसानों को सलाह दी जाती है कि निर्धारित मात्रा में ही कीटनाशक का छिडक़ाव करना चाहिए। कृषि विभाग के प्रतिनिधियों की सिफारिश के अनुसार निर्धारित मात्रा में ही कीटनाशक का छिडक़ाव करें।
नानूराम मीणा
उप निदेशक, कृषि विस्तार, प्रतापगढ़



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