अलवर में अचानक ट्रेन से कटकर अपना जीवन समाप्त करने वाले तीनों दोस्तों ने मरने से पहले काफी देर मजाक की, उन्होंने इस दौरान सिगरेट भी पी। इससे पहले उन्होंने घटना वाले दिन अपने परिजनों से भी बात की थी, परिजनों ने बताया कि वे बातचीत में बिल्कुल सामान्य थे।
मृतकों के परिजनों ने यह बातचीत की-
ऋतुराज ने मां और बहन से बात की थी
अलवर में फ्लैट में रहने वाले मृतक ऋतुराज के पिता हैड कांस्टेबल बाबूलाल मीना ने बताया कि मंगलवार दिन में बेटे से बात हुई थी। दोपहर को ऋतु ने अपनी मां और शाम को बहन से भी बात की थी। घर से जब भी बात होती थी तो पढ़ाई लिखाई पर चर्चा होती थी। बाबूलाल ने बताया कि अंतिम बार भी बेटे से यही पूछा था कि खर्चे की जरूरत हो तो बता देना।
अभिषेक दो दिन पहले आया था
जयपुर में दुर्लभजी अस्पताल में भर्ती अभिषेक के भाई नरेश मीना ने बताया कि उसका भाई दो दिन पहले ही जयपुर के जगतपुरा से कमरा खाली करके अलवर आया था। वह यहां बीएससी फस्र्ट ईयर में दो बार फेल हो चुका था और इस बार बीए की तैयारी कर रहा था। नरेश ने बताया कि भाई प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी तो कर रहा था लेकिन कभी कोई तनाव जैसी बात नहीं करता था।
सत्यनारायण से सुबह भी बात हुई थी
मृत्तक सत्यनारायण के भाई रामदास मीना ने बताया कि उसके दोनों छोटे भाई अलवर में नौकरी की तैयारी कर रहे थे। सत्यनारायण ने कभी भी किसी तनाव की चर्चा नहीं की। घर से भी कभी कोई दबाव नहीं दिया जाता था। हर रोज की तरह मंगलवार को भी फोन पर बातचीत हुई थी लेकिन इतना बड़ा हादसा हो सकता है ऐसा कोई संकेत तक नहीं दिया था।





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