कोलकाता : लगता है कि मोहम्मद शमी के रणजी मैच खेलने पर ग्रहण लग गया है। पहले भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआइ) ने उन्हें बंगाल की तरफ से इसलिए रणजी मैच नहीं खेलने की हिदायत दी, ताकि वह आस्ट्रेलिया में भारत की तरफ से टेस्ट सीरीज खेलने के लिए फिट रहें। लेकिन जब बंगाल टीम मैनेजमेंट ने बीसीसीआइ से आग्रह किया कि अगर वे उपलब्ध हैं तो उन्हें रणजी मैच खेलने की इजाजत दें तो उन्हें इस शर्त पर मैच खेलने की इजाजत दी कि वह एक पारी में अधिकतम 15 ओवर ही डाल सकेंगे। लेकिन अब एक बार फिर उनके खेलने पर संदेह के बादल मंडराने लगे हैं। वह पारिवारिक कारणों की वजह से अभी तक बंगाल रणजी टीम से नहीं जुड़े हैं।
परिवार में हो गया है किसी का निधन
बता दें कि शमी आस्ट्रेलिया दौरे पर जा रही टेस्ट टीम में शामिल इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं, जिन्हें बीसीसीआइ ने प्रति पारी अधिकतम 15 ओवर फेंकने की शर्त के साथ रणजी ट्रॉफी मैच खेलने की अनुमति दी है। शमी को रविवार को ही बंगाल टीम से जुड़ना था, लेकिन वह अभी तक टीम के साथ नहीं है। बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी ने जानकारी दी कि शमी के परिवार में किसी का निधन हो गया है। इस वजह से वह अपने परिवार के साथ बने हुए हैं। परिवार उनके लिए हमेशा से पहली प्राथमिकता रहा है। जल्द ही टीम के साथ उनके जुड़ जाने की उम्मीद है। उन्हें नहीं लगता कि शमी ने ऐसा जान-बूझ कर किया है। बता दें कि शमी उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं।
15 ओवर तो बहुत हैं : मनोज तिवारी
बता दें कि बीसीसीआइ से शमी को बंगाल रणजी टीम की ओर से मैच खेलने की अनुमति मिलने के बाद बंगाल रणजी टीम के कप्तान कप्तान मनोज तिवारी ने कहा था कि टीम इंडिया के लिए खेलना हर खिलाड़ी के सबसे ऊपर है। रही बात शमी की तो जब वह अपनी लय में गेंदबाजी कर रहे हों तो उनके लिए 15 ओवर काफी है। वह तो ऐसे प्लेयर हैं कि इससे भी कम ओवरों में विरोधी टीम की कमर तोड़ सकते हैं। मुझे पूरी उम्मीद है कि वह बाकी गेंदबाजों के साथ मिल कर अपने काम को अच्छा करेंगे।





No comments:
Post a Comment