राजसमंद. सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, अवैध निर्माण, मंदिर में पुजारी की चौथ वसूली, बिजली जलाए बिना हजारों का बिल जारी करने, अवैध खनन सरीखे 14 शिकायतें लोगों ने बुधवार को सर्किट हाउस राजसमंद में लोकायुक्त सचिव उमाशंकर शर्मा से की। लोग बोले कि गांव के पटवारी, ग्रामसेवक से लेकर विद्युत निगम अभियंता, तहसीलदार व उपखंड अधिकारी भी टरका देते हैं। दो दो साल से लंबित प्रकरणों पर शिकायत दर शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई और अफसर भी बदमाशों को ही शह दे रहे हैं। सक्रिट हाउस राजसमंद में आयोजित शिविर में जिला कलक्टर श्यामलाल गुर्जर व पुलिस अधीक्षक भुवन भूषण यादव ने लंबित प्रकरणों के बारे में भौतिक स्थिति से लोकायुक्त सचिव को अवगत कराया। लंबित प्रकरणों में उप वन संरक्षक फतेहसिंह राठौड़, जिला परिषद मुख्य सीईओ गोविन्दसिंह राणावत, एसडीएम प्रवीण कुमार, डीएसपी डॉ. दुर्गसिंह, तहसीलदार गोवर्धनसिंह झाला, नगर परिषद आयुक्त बृजेश राय पेश हुए जवाब पेश किया। इस पर लोकायुक्त सचिव ने अधिकारियों को जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों के जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
नाथद्वारा एसडीएम की शिकायत:
शिशोदा के श्री क्षेत्रपाल भैरूजी मंदिर प्रतिवर्ष दो से तीन करोड़ की अनियमितता के बावजूद मंदिर पदेन अध्यक्ष व नाथद्वारा उपखंड अधिकारी द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। अक्टूबर 2016 से तहसीलदार से लेकर नाथद्वारा उपखंड अधिकारी व जिला कलक्टर तक को शिकायत कर दी। फिर भी कार्रवाई नहीं हो पाई। देवस्थान विभाग ने ट्रस्ट गठन के लिए आदेश जारी किया, फिर भी पुजारियों ने नहीं माने। लोगों ने बताया कि इस वर्ष मंदिर में पौने 3 करोड़ की आय हुई और ज्यादातर राशि खर्च हो गई। लोगों ने आरोप लगाए कि पुजारी द्वारा लाखों रुपए की प्रतिमाह अधिकारियों को बंधी दी जा रही है, जिसकी वजह से कार्रवाई नहीं हुई, लोकायुक्त सचिव ने जांच कर कार्रवाई के आदेश दिए।





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