हिण्डोली. कस्बे की सहकारी समिति परिसर स्थित उड़द खरीद केंद्र पर कई किसानों के उड़द खरीद नहीं करने से किसानों में रोष बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष प्राकृतिक आपदा के चलते उड़द में खराबा अधिक हो गया। इस फसल को लेकर किसान बेचने पहुंच रहे हैं तो खरीद केंद्र पर इन्हें वापस लौटाया जा रहा है। दाना सफेद होने से इसे नहीं खरीदा जा रहा। गुरुवार को 50 से अधिक किसान उड़द बेचने के लिए खरीद केंद्र पर आए थे, लेकिन उन्हें ग्रेडिंग करवाने को कहा गया। ग्रेडिंग मशीन के बाहर वाहनों की कतारें लगी होने से किसानों की शाम तक भी बारी नहीं आई। इसके लिए भी किसानों को एक बोरी के 110 रुपए देने पड़ रहे हैं।
उधर, सहकारी समिति के अधिकारियों ने बताया कि आदेश के अनुसार ही उड़द खरीदे जा रहे हैं। आगे से आदेश मिलेगा तो यहां पर भी लचीलापन कर किसानों को राहत मिल पाएगी।
कम दाम में बेचने की मजबूरी
जिन किसानों की उड़द सफेद हो गई उसे सरकारी कांटे पर नहीं खरीदा जा रहा। किसान व्यापारियों को बेचने को मजबूर हैं। लेकिन यहां उन्हें दाम अच्छे नहीं मिल रहे।किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसान धर्मा गुर्जर का कहना है कि उड़द की फसल बेचने खरीद केंद्र पर गए थे, लेकिन वहां पर सेंपल फेल करने से निराशा हाथ लगी।
किसान भंवरलाल का कहना है कि उड़द के दाने की भी सफेदी प्राकृतिक आपदा है। इसमें किसान का दोष नहीं है। फिर भी समर्थन मूल्य पर खरीद नहीं कर रहे।
मार्केटिंग में राजफेड सही उड़द की खरीद कर रहा है। गुणवत्ता के आधार पर ही खरीद होगी।यदि कम गुणवत्ता वाले उड़द लेते हैं तो इन्हें आगे नहीं खरीदा जाएगा।
दीनदयाल मीणा, मुख्य व्यवस्थापक, मार्केटिंग, हिंडोली





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