पूर्र्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ़ दौरे में राजनीतिक क्षेत्र में चौकाने वाला घटनाक्रम भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष भगवतीदेवी झाला का कांग्रेस में शामिल हो जाना रहा। गहलोत ने शॉल ओढाकर उन्हें कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करवाई। झाला को पूर्व उप जिला प्रमुख जनकसिंह अपने साथ लेकर मंच पर पहुंचे। झाला का विधानसभा चुनाव मतदान से करीब दो सप्ताह पहले पार्टी छोड़ जाना भाजपा के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है। भाजपा छोडऩे के बाद अपने बयान में भगवतीदेवी झाला ने कहा कि भाजपा अब निष्ठावान कार्यकर्ताओं की पार्टी नहीं रह गई है। धन-बल का प्रभाव बढ़ रहा है। इससे साधारण कार्यकर्र्ता उपेक्षित महसूस कर रहा है। बड़ीसादड़ी पंचायत समिति प्रधान रही झाला ने वर्ष २००३ में बड़ीसादड़ी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन हार मिली। इसके बाद वर्ष २००८ के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें चित्तौडग़ढ़ से पार्टी प्रत्याशी घोषित किया लेकिन एनवक्त पर फैसला बदला और उनकी जगह श्रीचंद कृपलानी को उतारा दिया था। झाला को इस बार बड़ीसादड़ी से टिकट का दावेदार माना जा रहा था लेकिन नहीं मिला। उनके दामाद गजेन्द्रसिंह वल्लभनगर सीट से कांग्रेस विधायक रह चुके है।
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सोशल मीडिया व अन्य माध्यमों से पता चला कि झाला मैडम ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। पहले ऐसा कुछ नहीं बताया था। वे हमारे परिवार की सदस्य रही है, उनसे बात भी करेंगे।
रतनलाल गाडऱी, भाजपा जिलाध्यक्ष, चित्तौडग़ढ़





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