जयपुर। यूजीसी ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को पत्र लिखकर जानकारियां मांगी गई है कि उनके यहां पर कौन-कौन सी टेक्नोलॉजी इस्तेमाल की जा रही है। निर्धारित प्रारूप में जानकारी भरकर सभी शैक्षणिक संस्थानों को यह जानकारी यूजीसी को ऑनलाइन भिजवानी है। राजस्थान यूनिवर्सिटी सहित कई सरकारी यूनिवर्सिटी और निजी यूनिवर्सिटी को यह जानकारी देनी है। यूजीसी के सचिव रजनीश जैन ने एक परिपत्र जारी करते हुए कहा कि इसका मकसद यूनिवर्सिटी और कॉलेज में डिजीटल तकनीक का अधिक से अधिक प्रयोग करना है।
आज तकनीक का दौर है इस तकनीक के दौर में जा पीछे रह गया, उसके लिए आगे बढऩा बड़ा मुश्किल हो जाता है। यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों को परिपत्र लिखा है कि डिजीटल तकनीक ने लर्निंग के हालात बदल दिए है। जिससे पढ़ाई में मदद मिलने के साथ ही टीचर्स को भी लर्निंग नोट्स मिल रहे हैं। यूजीसी का कहना है कि डिजीटल लर्निंग यूनिवर्सिटी व कॉलेजों में पढ़ाई के स्तर को एकदम आगे ले जाएंगे।
यूजीसी ने यह जानकारी मांगी है-
- आखिर कितने डिजीटल बोर्ड काम में लिए जा रहे हैं?
- कुल कितने डिजीटल बोर्ड संस्थान में हैं?
- कुल कितने एलसीडी प्रोजेक्टर्स हैं?
- कुल कितने टीवी स्क्रीन काम में लिए जा रहे हैं?
- एमएचआरडी, यूजीसी, एआईसीटीई की ओर से तैयार कितने ऑनलाइन लेक्चर्स कराए गए हैं?
- कितने समय में इंस्ट्टीयूट में डिजीटल तकनीक का इस्तेमाल काम में लेने लगेंगे?
- कुल स्टूडेंट्स और फैकल्टी कितने हैं?





No comments:
Post a Comment