जयपुर. अपने ही बड़े नेताओं की पसंद-नापसंद पर टिकट बांटकर कांग्रेस उलझी ही रह गई। राज्य में कई सीटों पर असंतुष्ट उठ खड़े हुए हैं तो पार्टी को भी कुछ सीटों पर प्रत्याशी बदलने को मजबूर होना पड़ा। पार्टी ने रविवार को दिन में तीन प्रत्याशियों के नाम बदलकर दूसरों को टिकट दिया। फिर हल्ला मचा तो रात को पुन: प्रत्याशी बदल दिए।
दरअसल दिन में प्रत्याशी बदले तो टिकट बंटवारे में अंत तक शामिल रहे नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी ने ही बगावत का बिगुल बजा दिया। अपने पसंदीदा प्रत्याशी कन्हैयालाल झंवर को टिकट मिलने के बाद कटने से नाराज डूडी ने अपने समर्थकों की मौजूदगी में ऐलान कर दिया कि पार्टी ने यदि झंवर को पुन: टिकट नहीं दिया तो वह भी चुनाव नहीं लड़ेंगे। डूडी के इस ऐलान के बाद पार्टी ने प्रत्याशी बदलकर झंवर को बीकानेर पूर्व से फिर प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस ने रविवार दोपहर को 1६ सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। इस सूची में पार्टी ने बीकानेर पश्चिम, पूर्व और बूंदी की केशोरायपाटन सीटों पर अपने प्रत्याशी बदले हैं। इसे लेकर बवाल मच गया।
बवाल की वजह यह है कि पार्टी ने डूडी की पसंद पर झंवर को हाथों हाथ पार्टी में शामिल करके बीकानेर पूर्व से टिकट थमा दिया था। इसकी कीमत दिग्गज नेता बीडी कल्ला ने बीकानेर पश्चिम से टिकट गवांकर चुकाई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि झंवर पूर्व से उतरना चाहते थे और वहां से दावेदारी कर रहे थे यशपाल गहलोत। ऐसे में पार्टी ने पूर्व के दावेदार गहलोत को कल्ला का टिकट काटकर पश्चिम से उतार दिया। अत: झंवर को पूर्व की सीट से उतरने का आसानी से मौका मिल गया।
काम आया कल्ला का हल्ला
कल्ला को टिकट न मिलने से समूचे बीकानेर में हल्ला मच गया था। बीकानेर में पुष्करणा ब्राहम्ण काफी संख्या में हैं। हर तरफ विरोध प्रदर्शन शुरू हुए तो पार्टी ने रविवार को कल्ला को बीकानेर पश्चिम से उतार दिया। अब कल्ला को टिकट मिला तो झंवर का कट गया। रात को फिर झंवर को मिला तो यशपाल का कट गया।





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