नए छात्रावास के गत साल आवंटित हुई थी जमीन
छात्रावास को तरसते पीजी कॉलेज के छात्र, किराए पर रहने को मजबूर
पुराना छात्रावास हो चुका है जर्जर
पत्रिका न्यू•ा नेटवर्क
बाड़मेर . जिले के सबसे बड़े पीजी कॉलेज के विद्यार्थियों को पिछले 25 सालों से छात्रावास का इंतजार है। छात्रावास निर्माण का सपना बनकर रह गया है। गत वर्ष छात्रावास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन कुछ समय बाद वह फाइलों में दफन हो गई है। इसके चलते विद्यार्थी किराए के कमरों में रहने को मजबूर हैं।
43 साल पहले बना छात्रावास खंडहर
महाविद्यालय में 43 साल पहले वर्ष-1973 में छात्रावास का निर्माण हुआ था। कुछ वर्ष छात्रावास में विद्यार्थियों को प्रवेश दिए गए, लेकिन उसके बाद देखरेख नहीं होने के चलते छात्रावास की स्थिति जर्जर हो गई। अब 25 सालों से छात्रावास की बिल्डिंग खाली है। कॉलेज प्रशासन ने भी छात्रावास की बिल्डिंग को जर्जर बताते हुए छोड़ दिया है।
2500 वर्ग मीटर जमीन आवंटितगत वर्ष छात्रावास निर्माण को लेकर कॉलेज आयुक्तालय ने जमीन आवंटन करने के लिए अनापत्ति प्रमाण-पत्र मांगा। कॉलेज प्रशासन ने 2500 वर्ग मीटर जमीन को चिह्नित कर एनओसी जारी कर दी। अब छात्रावास निर्माण की गेंद सार्वजनिक निर्माण विभाग के पाले में हैं। वहां पिछले एक वर्ष से फाइल कागजों में दब गई। बताया जा रहा है कि बजट नहीं मिलने से निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। अब चुनाव के चलते आचार संहिता लग गई।
हर वर्ष मांग उठी, कई बार पत्र आए
छात्र संगठनों की ओर प्रतिवर्ष छात्रावास निर्माण को लेकर मांग की गई। वहीं कॉलेज आयुक्तालय ने भी कई बार पत्र भेजकर छात्रावास की वस्तुस्थिति की रिपोर्ट मांगी। लेकिन छात्रावास निर्माण की फाइल इधर-उधर घूमती रही।
बजट के अभाव में छात्रावास अटका
&गत वर्ष कॉलेज के लिए जमीन आवंटित हुई थी। उसके बाद बजट नहीं मिला। ऐसे में छात्रावास का निर्माण अटका है। यहां गरीब तबके के विद्यार्थी अध्यनरत हैं। किराए के कमरों में रहना पड़ रहा है।
- गजेन्द्रसिंह गोरडिय़ा, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
एनओसी भेज दी
&गत वर्ष नवंबर में कॉलेज आयुक्तालय को 2500 वर्ग मीटर जमीन प्रस्तावित कर एनओसी भेज दी थी। अब छात्रावास की निर्माण करवाने की फाइल सार्वजनिक निर्माण विभाग के पास है। काम कब शुरू होगा, इसकी जानकारी नहीं।
- पीआर चौधरी, प्राचार्य, पीजी कॉलेज बाड़मेर





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