जयपुर। खुले सूखे पड़े कुओं से हो रहे एक के बाद एक हादसों के बावजूद ना तो प्रशासन, ना ही ग्राम पंचायत और ना आम आदमी कोई सबक लेने को तैयार है। हर हादसे के बाद प्रशासन आदेश निकलता है, लेकिन हालात यह है की फाइलों तक सिमट कर रह जाता है। सरकार ने सूखे पड़े कुओं व बोरवेल को ढकने के आदेशों के बाद भी ग्रामीण आबादी क्षेत्र में अनेक कुएं आज भी खुले पड़े हैं। प्रशासन समय-समय पर इनके बारे में निर्देश दिए जाते हैं इसके बावजूद जिन लोगों की जमीनों पर ये खुले पड़े कुएं है वो इस तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहे और ये हादसों का सबब बने हुए हैं।
ऐसा ही एक मामला शनिवार को सामने आया है राजधानी के सामोद थाना क्षेत्र माहर गांव में एक युवक ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलने पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई। वहीं सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को ग्रामीणों के सहयोग सेे 1 घंटे की बारी भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला। जानकारी के अनुसार मृतक कल्याण सैनी महार गांव निवासी बताया जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से मानसिक अवसाद में था। अवसाद में आकर घर में बने कुएं में छलांग लगा दी। पुलिस ने शव को बाहर निकाल कर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पुलिस आत्महत्या के मामले की जांच कर रही है।





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