कोटा. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एक मरीज के कुल्हे जोड़ का सफल प्रत्यारोपण किया। मरीज की सिंगल किडनी, दिल 30 प्रतिशत ही धड़क रहा था। कोटा के निजी अस्पतालों में ऑपरेशन के लिए मना कर दिया। नए अस्पताल की अस्थि रोग विशेषज्ञों की टीम ने सफल ऑपरेशन कर सफलता प्राप्त की।
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घंटाघर निवासी मोहम्मद अफीस (72) की करीब दस साल पहले एक किडनी खराब हो गई थी। यूरो में भी दिक्कत थी। उसका एक निजी ऑपरेशन कर किडनी को निकाला था। करीब एक साल पहले कुल्हे के जोड़ में दिक्कत हो गई। इससे चलने-फिरने में असमर्थ हो गए। हालात यह कि दर्द के इंजेक्शन देने के बाद ही नींद आती थी।
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उनकी बहू चंदा ने कोटा के दो बड़े निजी अस्पतालों में उन्हें दिखाया, लेकिन चिकित्सकों ने ऑपरेशन में रिस्क बताई। फिर उन्होंने 14 नवम्बर को नए अस्पताल में अस्थि रोग विभाग में दिखाया। चिकित्सकों ने खुद रिस्क लेकर ऑपरेशन की बात कही। 15 नवम्बर को कॉर्डियक डॉ. भंवर रिणवां व फिजिशियन ने जांच कर दवाइयां बदली।
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अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी मीणा, डॉ. अमित गुप्ता, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. झनकार मित्तल, डॉ. सदाराम की टीम जुटी। एनेस्थिस्यिा विभाग के प्रभारी डॉ. एससी दुलारा, संजय कालानी का भी सहयोग रहा।
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उन्होंने एक घंटे का सफल ऑपरेशन किया। डॉ. आरपी मीणा ने बताया कि मरीज की एक ही किडनी थी। दिल भी 30 प्रतिशत ही धड़क रहा था। जबकि सामान्य मरीज का 90 प्रतिशत तक दिल धड़कता है। ऐसे में ऑपरेशन में काफी रिस्क थी, लेकिन पूरी टीम ने एकजुटता से कार्य कर ऑपरेशन को सफल किया। अब मरीज स्वस्थ्य है। चलना-फिरना शुरू कर दिया।
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