जैसलमेर/पोकरण. अपराधियों से दो कदम आगे चलने व उनकी धरपकड़ के लिए पुलिस को स्मार्ट बनाने की कवायद सरहदी जैसलमेर जिले में शुरू हो गई है। सार्वजनिक स्थानों पर कैमरे लगाने के बाद अब पुलिसकर्मियों को तनाव से मुक्त करने के लिए योग व प्राणायाम उनकी दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का प्रयास करने के साथ ही उन्हें आधुनिक तकनीक व संसाधनों से युक्त भी बनाया जा रहा है। सरहदी जैसलमेर जिले के जैसलमेर क्षेत्र के थानों की तरह अब पोकरण क्षेत्र के थानों को भी हाइटेक बनाने पर जोर दिया जा रहा है। गत दिनों आयोजित अपराध गोष्ठी में हुई चर्चा के बाद इसको लेकर मंथन तेज हो गया है। बढ़ते दूर संचार संसाधनों, आधुनिक तकनीकी के चलते अब पुलिस को भी हाइटेक करने के प्रयास किए जा रहे है तथा अपराधों की रोकथाम, अपराध हो जाने पर त्वरित अनुसंधान कर अपराधियों तक पहुंचने के लिए पुलिस थानों में आधुनिक तकनीकी संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे है। यातायात पुलिस को कैमरायुक्त हेलमेट भी उपलब्ध करवाए जा रहे है, ताकि किसी भी अपराधी का वाहन उस कैमरे के आगे से होकर निकलता है, तो उसमें भी उसकी तस्वीरें कैद हो सकती है।
...ताकि पकड़ से न बच पाए अपराधी :
अब तक पुलिस की ओर से अपराधियों में भय व आमजन में विश्वास का नारा व संदेश दिया जा रहा था, लेकिन अब सभी पुलिस थानों को ऐसे अत्याधुनिक तकनीकीयुक्त संसाधन मुहैया करवाए जा रहे है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है, ताकि किसी भी अपराधी को पकडऩे व उन पर कार्रवाई करने में आसानी हो सके। इसके साथ ही त्वरित अनुसंधान कर पीडि़त पक्ष को न्याय भी दिलाया जा सके।
पोकरण क्षेत्र में पुलिस की ओर से अब तक उपलब्ध करवाए गए संसाधनों के अंतर्गत सबसे बड़ा योगदान दूर संचार सेवाओं का माना जा रहा है। पुलिस की ओर से मुख्य चौराहों, आम रास्तों, भीड़ भाड़ भरे क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए है तथा उनके नियंत्रण के लिए पुलिस थाने में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस तरह किसी भी व्यक्ति की ओर से अपराध को अंजाम देने के बाद भागने की स्थिति में किसी न किसी सीसीटीवी कैमरे में उसकी तस्वीरें कैद हो जाने से पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में काफी हद तक मदद मिल रही है।
पुलिस सुरक्षा को भी किया जा रहा है हाईटेक
पुलिस के सिपाही व अधिकारी को भी सुरक्षित करने के लिए उन्हें आधुनिक संसाधन मुहैया करवाए गए है।जिसके अंतर्गत सभी पुलिस थानों में सैल्फ लोडेड रिवॉल्वर एसएलआर, भीड़ को तित्तर बित्तर करने के लिए पम्प एक्शन गन, गैस ग्रेनेड, गैस सेल, किसी भी गहरे गड्ढ़े, कुंए, बोरवेल, तालाब, नदी आदि में दूर-दूर तक वस्तु अथवा किसी का शव ढूंढऩे के लिए ड्रेगन लाइट भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके अलावा प्रदुषण से बचने के लिए मास्क व ग्लब्स दिए गए है। इसी प्रकार भीड़ अथवा उपद्रव में गोली से बचने के लिए बुलेटप्रुफ जैकेट व हेलमेट भी उपलब्ध करवाए गए है। यही नहीं लावारिस अथवा शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखे गए शव को कुछ घंटे तक सुरक्षित रखने के लिए 10 वातानुकूलित जैकेट भी पुलिस को उपलब्ध करवाए गए है।
खाकी के पास अब यह आधुनिक किट
- क्राइम मशीन प्रोटेक्शन किट
- रिफ्लेक्टर जैकेट
- ग्लब्स, मास्क
- नारकोटिक्स ड्रग रिफ्लेक्टर
- बॉडी प्रोटेक्टर सैल
- कैमरायुक्त हेलमेट
-फिंगर प्रिंट व फुट मॉल्ड किट व पाउडर
फैक्ट फाइल
३८ हजार वर्ग किमी से अधिक फैला हुआ है सरहदी जैसलमेर जिला
१८ पुलिस थाने मौजूद है सरहदी जिले में
१३ पुलिस चौकियां है वर्तमान में जिले के क्षेत्र में
०७ लाख के करीब आबादी रहती है सरहदी जैसलमेर जिले में
वाहनों की गति पर भी नकेल
अब तक पुलिस की ओर से मोबाइल टावर्स पर भी मोबाइल लोकेशन को ट्रेस कर अपराधी तक पहुंचने में पुलिस को खासी मदद मिल रही थी।
अब पुलिस ने आधुनिक तकनीक से युक्त इस सुविधा को बेहतर उपयोग करना भी सीख लिया है।
महिने में चार-पांच दिन वाहनों की गति मापने के लिए वाहन इंटरसैप्टर भी उपखण्ड मुख्यालय पर उपलब्ध करवाया जा रहा है।
ऐसा करने का उद्देश्य यही है कि वाहनों की निर्धारित गति से अधिक से वाहन चलाने वाले चालकों पर अंकुश लगाया जा सके।
अब तक हुई दुर्घटनाओं में यही बात सामने आ रही है कि अधिक तेजी के साथ वाहन चलाकर से ही दुर्घटनाएं घटित हो रही है।
शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए ब्रिथ इन लाइट यंत्र भी यातायात पुलिस को उपलब्ध करवाया है।
इस यंत्र से पुलिस का मौके पर ही वाहन चालक के शराब पीए होने की पुष्टि हो जाती
है।





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