नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआर्इ) ने यस बैंक द्वारा संकटग्रस्त कंपनी इंफ्रास्ट्रक्चर लीजिंग एंड फाइनेंशियल सर्विसेज (आइएलएंडएफएस), दीवान हाउसिंग फाइनेंस (डीएचएफएल), इंडियाबुल्स, फाॅर्च्युन फाइनेंशियल सर्विसेज इंडिया और सुरक्षा एआरसी को दिए गए कर्ज की जांच शुरू कर दी है।
आरबीआर्इ ने बैंक से मांगी से जानकारी
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक आरबीआर्इ की निगरानी टीम ने इन सभी कंपनियों के बही खातों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। आरबीआइ ने गुरुवार को यस बैंक को खत लिखकर इन सभी कंपनियों को दिए गए लोन की जानकारी मांगी थी। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में यस बैंक ने आइएलएंडएफएस को 2,600 करोड़ रुपए के कर्ज का खुलासा किया था। इसके साथ ही उसने अपने कर्ज का 3.2 फीसदी हाउसिंग फाइनैंस की कंपनियों को दे रखा है। एनबीएफसी में उसके कर्ज की हिस्सेदारी 2.6 फीसदी है।
मूडीज ने घटार्इ रेटिंग
मंगलवार को अमरीकी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने यस बैंक की रेटिंग घटा दी है। मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने यस बैंक की रेटिंग को घटाकर नाॅन-इन्वेस्टमेंट ग्रेड कर दिया है। साथ ही यस बैंक में लगातार कर्इ इस्तीफों के बाद इस एजेंसी ने आउटलुक को भी स्टेबल से घटाकर निगेटिव लिस्ट में डाल दिया है। सितंबर माह में ही भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक के एमडी व सीर्इआे राणा कपूर के कार्यकाल को आैर आगे बढ़ाने से साफ इन्कार कर दिया था। एजेंसी ने कहा है राणा कपूर का कार्यकाल आैर आगे न बढ़ने की वजह से बैंक को नुकसान हो सकता है।





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