वरिष्ठ शिक्षक भर्ती का मामला... नहीं सुलझ पाई गुत्थी, संशय बरकरार
मास्टरमाइंड हत्थे चढऩे के बाद ही खुल पाएगा राज
पुलिस ने अभी तक जांच में आरोपी पार्षद को माना मास्टरमाइंड
बाड़मेर . आरपीएसी की वरिष्ठ शिक्षक प्रतियोगी परीक्षा का हिंदी का पेपर सोशल मीडिया पर वायरल होने की पूरी गुत्थी सुलझाने में पुलिस कामयाब नहीं हुई है। हालाकिं पुलिस ने केन्द्राधीक्षक व व्यवस्थापक को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया, जबकि पेपर वायरल में मुख्य भूमिका निभाने वाला आरोपी पार्षद पुलिस पकड़ में नहीं आया है। पुलिस का कहना है कि पार्षद पकड़ में आने के बाद मामला का पूरा खुलासा हो पाएगा।
अभ्यर्थियों में संशय बरकरार : पुलिस जांच में चौथे दिन भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेपर वायरल के बाद किसी अभ्यर्थी फायदा उठाया या नहीं? पुलिस की अभी तक जांच में यह स्पष्ट नहीं हुआ है। पेपर वायरल की गुत्थी सुलझाने में लगी पुलिस अभी तक पार्षद की तलाश में जुटी है। पुलिस का मानना है कि पार्षद नरेशदेव के गिरफ्त में आते ही सारे मामले की गुत्थी सुलझ जाएगी। पुलिस की अलग-अलग टीमें आरोपी के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस जांच टीम की गिरफ्त में आए आरोपी केन्द्राधीक्षक व व्यवस्थापक से दो दिन पूछताछ कर कई अहम सुराग जुटाए है। हालाकिं पुलिस ने अभी तक खुलासा नहीं किया है।
एसओजी से जांच करने की मांग, सौंपा ज्ञापन
बाड़मेर ञ्च पत्रिका . आरपीएससी की द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा का हिंदी विषय का पेपर आउट होने व अन्य सभी परीक्षाओं की जांच एसओजी से कराने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने सोमवार को राज्यपाल के नाम अतिरिक्त जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया है कि आरपीएससी एवं प्रशासन का दायित्व है कि परीक्षा का आयोजन निष्पक्ष होना चाहिए, यदि कोई इसका अनुचित लाभ उठाते हैं तो यह मेहनत करने वालों के साथ अन्याय है। बाड़मेर में हिंदी प्रश्न-पत्र परीक्षा अवधि में ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था, जिसका अनुचित फायदा ज्यादा अभ्यर्थियों को मिलने का अंदेशा है।
अन्य पेपर भी संदेह के घेरे में : ज्ञापन देने से पूर्व अभ्यर्थियों ने महावीर पार्क में बैठक की। इसमें चर्चा करते हुए अभ्यर्थी अमरा राम ने कहा कि हिंदी का पेपर आउट होने की घटना आरोपियों की गलती के कारण हुई है। ऐसे में अंदेशा यह भी है कि हिंदी सहित दोनों गु्रप के सामान्य ज्ञान के पेपर और सामाजिक विज्ञान, गणित, संस्कृत, विज्ञान, अंग्रेजी आदि विषयों के प्रश्न-पत्र भी आउट किए गए हैं। इसलिए एसओजी से सभी विषयों के पेपर की जांच करवाए।
कार्रवाई नहीं हुई तो लेंगे न्यायालय का सहारा : अभ्यर्थी प्रह्लाद राम ने कहा कि जिला प्रशासन ने उचित कार्रवाई करते हुए आयोग को पेपर आउट की रिपोर्ट नहीं भेजी तो अभ्यर्थी इसके खिलाफ हाईकोर्ट की शरण लेंगे। इस दौरान अचलाराम, किशनाराम, रामाराम, पदमाराम, भगवानसिंह, ठाकराराम, स्वरूप पुरी, निम्बाराम, मांगीलाल, मुकेश कुमार, कुम्भाराम, ताजेंद्र कुमार सहित कई अभ्यर्थी मौजूद रहे।





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