बागरा. क्षत्रिय राजपूत समाज का जालोर-सिरोही जिलों का दीपावली स्नेेहमिलन समारोह वराड़ा हनुमान मंदिर में आयोजित किया गया। इसमें दोनों जिलों के राजपूत, रावणा राजपूत व भोमिया राजपूत समाज के लोगों ने शिरकत की। समारोह में संतों के सान्निध्य में सामाजिक एकता, शैक्षिक विकास व राजनीतिक उत्थान के लिए चिंतन किया गया। कनाना मठ बाड़मेर के संत परशुरामगिरी महाराज ने सभी को एक होकर समाज हित में आगे आने को कहा। संत ने मंत्र और पौराणिक संदर्भों के माध्यम से खानपान की शुद्धता और भाषा की विशिष्टता बताई। तारातरा मठ के महंत प्रतापपुरी ने राजपूतों को बौद्धिक रूप से सचेष्ठ होने की आवश्यकता जताई। कार्यक्रम संयोजक लालसिंह राठौड़ धानपुर ने कहा कि राजपूत समाज दोनों जिलों की राजनीति में प्रत्येक वर्ग में स्वीकार्य है। फिर भी राजनीतिक दल समाज को प्रभावी नेतृत्व नहीं दे रहे हैं। ऐसे में हमें एक होकर समाज को उचित प्रतिनिधित्व देने कीमांग करनी चाहिए। राव भंवरसिंह डोडियाली ने आभार जताया। नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष उम्मेदसिंह चम्पावत रणसीगांव ने कहा कि भेद उत्पन्न करने वालों से सावधान रहना चाहिए। शिवगंज के पूर्व प्रधान दिलीपसिंह मांडानी ने कहा कि गंदी राजनीति से सामाजिक शुचिता विकट स्थिति में है। इसे सही रूप में लाने के लिए क्षत्रियों को राजनीतिक नेतृत्व में आगे आने की जरूरत है। नारायणसिंह देवड़ा बागसीन, कौशलसिंह देवड़ा मनोरा, भवानीसिंह भटाणा, गणपतसिंह राठौड़, महिपालसिंह, ईश्वरसिंह किंवरली, सोहनसिंह शंखवाली आदि कई युवाओं ने सम्बोधित किया। लालसिंह दहिया भूंडवा, देवीसिंह देवड़ा रायपुरिया, हुकमसिंह राठौड़ धाणसा, शंकरसिंह मनोरा, डूंगरसिंह ओडा, अर्जुनसिंह मनोरा, वाघसिंह पूनक, नरपतसिंह नवारा, वीरसिंह वेरापुरा, प्रद्युम्नसिंह भंवरानी, ईश्वरसिंह भंवरानी, रामसिंह थलवाड़, गंगासिंह बागरा, जोगसिंह नारणावास, विशनसिंह कैलाशनगर, विक्रमसिंह धानपुर, कल्याणसिंह सांपणी, दशरथसिंह सेरणा, सुमेरसिंह धानपुर, कल्याणसिंह धानपुर समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
संकल्प दिलाया
चुनाव में तीनों समाजों में से जो भी नेतृत्व आगे आता है उसे समर्थन देने का संकल्प लिया गया। संतों ने मांस-मदिरा के त्याग का आह्वान किया। इस पर समाजबंधुओं ने हाथ उठाकर सहमति जताई।





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